हल्दी दूध – डायबिटीज में फायदेमंद या नुकसानदायक?

हल्दी वाला दूध, जिसे आमतौर पर “गोल्डन मिल्क” कहा जाता है, भारतीय घरों में सदियों से इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन क्या यह डायबिटीज पेशेंट्स के लिए सही है या नुकसानदायक? आइए विस्तार से जानते हैं।
हल्दी दूध के संभावित फायदे डायबिटीज में
- हल्दी में कर्क्यूमिन नामक तत्व होता है जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है।
- यह इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ा सकता है जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रह सकता है।
- रात को हल्दी वाला दूध लेने से नींद बेहतर होती है, जिससे तनाव कम होता है – तनाव डायबिटीज को बढ़ा सकता है।
- इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर की सूजन कम करता है।
लेकिन क्या इसके नुकसान भी हैं?
- अगर दूध में ज्यादा मात्रा में चीनी मिलाई जाए, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
- कुछ लोगों को दूध से लैक्टोज इन्टॉलरेंस की समस्या होती है, जिससे गैस या सूजन हो सकती है।
- बहुत अधिक हल्दी लेने से लीवर पर दबाव पड़ सकता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए हल्दी दूध लेने का सही तरीका
- गाय के दूध का इस्तेमाल करें, उसमें 1/4 चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं।
- बिना चीनी या शुगर फ्री विकल्प के साथ लें।
- रात को सोने से आधा घंटा पहले लें, इससे नींद अच्छी आती है और शुगर लेवल स्थिर रहता है।
कितनी मात्रा में लें?
सप्ताह में 3–4 बार 1 कप हल्दी दूध लिया जा सकता है। रोजाना लेने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लें।
निष्कर्ष: हल्दी दूध डायबिटीज में फायदेमंद हो सकता है अगर उसे सही तरीके और मात्रा में लिया जाए। सबसे जरूरी बात है – इसमें कोई अतिरिक्त शुगर न मिलाएं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। डायबिटीज मरीज किसी भी आयुर्वेदिक उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।