सुबह जल्दी उठने वालों में कम क्यों होती है डायबिटीज?

सुबह जल्दी उठना केवल एक आदत नहीं, बल्कि सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है। अनेक शोध बताते हैं कि सुबह जल्दी जागने वालों में डायबिटीज होने का खतरा कम होता है। लेकिन ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं इसके पीछे के कारण और वैज्ञानिक तथ्य।
बायोलॉजिकल क्लॉक और मेटाबॉलिज्म का संबंध
हमारे शरीर में एक प्राकृतिक जैविक घड़ी (circadian rhythm) होती है जो नींद, भूख, हार्मोन और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। सुबह जल्दी उठने से यह घड़ी सही टाइम पर सक्रिय रहती है, जिससे इंसुलिन का उत्पादन और उपयोग बेहतर होता है।
सुबह जल्दी उठने के फायदे
- बेहतर हार्मोन संतुलन: इंसुलिन और कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन समय पर काम करते हैं, जिससे शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है।
- नियमित और हेल्दी आहार: सुबह जल्दी उठने वाले लोग समय पर नाश्ता और भोजन करते हैं, जो ब्लड शुगर स्पाइक को रोकता है।
- फिजिकल एक्टिविटी: जल्दी जागने से एक्सरसाइज या योग करने का समय मिल जाता है, जो डायबिटीज कंट्रोल में सहायक होता है।
- बेहतर नींद: सही समय पर सोना और जागना नींद की गुणवत्ता सुधारता है, जिससे शरीर ठीक से काम करता है।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की सलाह
डॉ. साहू बताती हैं, “सुबह जल्दी उठना और दिनचर्या को व्यवस्थित रखना डायबिटीज नियंत्रण के लिए बहुत जरूरी है। ये आदतें शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को सही तरीके से चलाती हैं।”
उन्होंने सुझाव दिया कि रात 10-11 बजे सोना और सुबह 5-6 बजे उठना आदर्श होता है। इस समय अंतराल में सोने से शरीर को पर्याप्त रेस्ट मिलता है और मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है।
अगर आप डायबिटीज से बचाव या नियंत्रण चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में यह सरल बदलाव जरूर करें।
स्रोत: डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विशेषज्ञ
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।