शुगर में अंकुरित अनाज फायदेमंद है या नहीं?

डायबिटीज में खानपान को लेकर बहुत सतर्क रहना होता है। ऐसे में यह सवाल आम है — क्या अंकुरित अनाज (Sprouted Grains) शुगर पेशेंट्स के लिए सुरक्षित और लाभकारी हैं?
“अंकुरित अनाज डायबिटीज मरीजों के लिए बहुत लाभकारी होते हैं क्योंकि इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और फाइबर अधिक होता है।” – डॉ. सुनंदा साहू, सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट,
अंकुरित अनाज क्या होते हैं?
जब चना, मूंग, मोठ, सोयाबीन जैसे अनाजों को पानी में भिगोकर कुछ घंटों के लिए रखा जाता है, तो वे अंकुरित हो जाते हैं। इस प्रक्रिया में उनकी पोषण क्षमता बढ़ जाती है।
डायबिटीज में इसके क्या फायदे हैं?
- लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स: ये ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं।
- हाई फाइबर: फाइबर पाचन धीमा करता है और भूख को नियंत्रित करता है।
- प्रोटीन से भरपूर: शरीर को आवश्यक प्रोटीन भी मिलता है जो मसल्स और एनर्जी के लिए जरूरी है।
- वजन नियंत्रण में सहायक: अंकुरित अनाज से पेट भरा रहता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती।
किन बातों का रखें ध्यान?
- कच्चे न खाएं: हल्का उबालकर या भूनकर खाएं, ताकि पाचन बेहतर हो।
- नमक कम डालें: हाई बीपी के खतरे से बचाव करें।
- दिन में खाएं: रात को न खाएं, इससे गैस बन सकती है।
- नियमित मात्रा: 50–75 ग्राम प्रतिदिन पर्याप्त है।
किन्हें बचना चाहिए?
जिन्हें गैस, एसिडिटी या कब्ज की समस्या है, उन्हें अंकुरित अनाज धीरे-धीरे और सीमित मात्रा में शुरू करना चाहिए।
निष्कर्ष
अंकुरित अनाज डायबिटीज के मरीजों के लिए एक पोषक, सस्ता और हेल्दी विकल्प है। यह ब्लड शुगर कंट्रोल, वजन प्रबंधन और पाचन के लिए लाभकारी है, लेकिन सही मात्रा और समय पर खाना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ शिक्षा के उद्देश्य से है। कृपया किसी भी डायट परिवर्तन से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह अवश्य लें।