मोबाइल की लत और डायबिटीज – चौंकाने वाला सच

आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोबाइल की लत आपकी सेहत पर खासकर डायबिटीज के स्तर पर नकारात्मक असर डाल सकती है? आइए जानते हैं इस चौंकाने वाले सच के बारे में।
कैसे बढ़ती है डायबिटीज मोबाइल की लत से?
- शारीरिक निष्क्रियता: मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने से शरीर कम सक्रिय रहता है, जिससे वजन बढ़ता है और इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ सकता है।
- नींद में बाधा: मोबाइल की नीली रोशनी नींद के हार्मोन मेलाटोनिन को प्रभावित करती है, जिससे नींद खराब होती है और ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
- तनाव और मानसिक स्वास्थ्य: सोशल मीडिया और अनिश्चितता तनाव को बढ़ावा देते हैं, जो डायबिटीज के लिए जोखिम कारक है।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की सलाह
डॉ. साहू बताती हैं, “मोबाइल का सीमित और सही इस्तेमाल डायबिटीज नियंत्रण में मदद कर सकता है। मोबाइल लत से बचने के लिए समय निर्धारित करें और नियमित एक्सरसाइज व ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।”
कैसे करें मोबाइल की लत से बचाव?
- दिन में मोबाइल उपयोग के लिए समय सीमा तय करें।
- सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल बंद कर दें।
- दिन में थोड़ी-थोड़ी देर के लिए आराम करें और बाहर टहलें।
- मेडिटेशन या योग को अपनाएं, जिससे तनाव कम हो।
अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और मोबाइल लत को नियंत्रित कर डायबिटीज के जोखिम को कम करें।
स्रोत: डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विशेषज्ञ
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या में विशेषज्ञ से संपर्क करें।