मधुमेह में जूस पी सकते हैं?

मधुमेह या डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि क्या उन्हें जूस पीना चाहिए या नहीं। आमतौर पर, फलों के जूस में शुगर की मात्रा अधिक होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है।
क्या जूस पीना सुरक्षित है?
अगर आपका शुगर लेवल नियंत्रण में है और आप बिना चीनी मिलाए ताजा फल का जूस लेते हैं, तो सीमित मात्रा में जूस पीना सुरक्षित हो सकता है। लेकिन हर दिन नियमित रूप से जूस पीना डायबिटीज के मरीजों के लिए सलाह योग्य नहीं है।
किन जूस को प्राथमिकता दें?
- आंवला जूस – एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में सहायक।
- करेले का जूस – ब्लड शुगर को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद करता है।
- टमाटर का जूस – कम कैलोरी और शुगर युक्त, फाइबर से भरपूर।
- नींबू पानी (बिना चीनी) – हाईड्रेशन के लिए बेहतरीन विकल्प।
किन जूस से बचना चाहिए?
- पैकेट वाले फलों के जूस (जिनमें एडेड शुगर हो)
- मॉसंबी, संतरा, आम और अंगूर जैसे हाई शुगर फलों के जूस
- मार्केट में मिलने वाले एनर्जी ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) क्या कहती हैं?
भोपाल की नैचुरोपैथी एक्सपर्ट डॉ. सुनंदा साहू के अनुसार, “डायबिटीज के मरीज अगर जूस लेना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा है कि वे सब्जियों के जूस या करेला-आंवला जैसे हर्बल विकल्प को चुनें। फलों की जगह पूरा फल खाना ज्यादा सुरक्षित होता है क्योंकि उसमें फाइबर होता है जो शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है।”
निष्कर्ष
डायबिटीज में जूस पीना पूरी तरह से मना नहीं है, लेकिन सावधानी और सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए। ताजा, बिना शक्कर वाला और हर्बल जूस ही चुनें। अपने डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह जरूर लें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।