मधुमेह और तनाव का क्या संबंध है?

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress) एक आम समस्या बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तनाव का डायबिटीज (मधुमेह) से गहरा संबंध होता है? डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) बताती हैं कि लंबे समय तक बना हुआ तनाव आपके ब्लड शुगर लेवल को बिगाड़ सकता है और डायबिटीज को और भी खतरनाक बना सकता है।
तनाव और ब्लड शुगर के बीच संबंध
- तनाव के समय शरीर ‘कॉर्टिसोल’ और ‘एड्रेनालिन’ जैसे हार्मोन रिलीज करता है, जो ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं।
- तनाव के कारण लोग अस्वस्थ भोजन करते हैं, जिससे शुगर और वजन दोनों बढ़ते हैं।
- नींद की कमी और गुस्से की प्रवृत्ति भी शुगर कंट्रोल में बाधा डालती है।
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह
- हर दिन 15-30 मिनट मेडिटेशन या प्राणायाम करें।
- संतुलित दिनचर्या रखें – समय पर सोएं और उठें।
- नेगेटिव सोचों से बचें, और अच्छा साहित्य या संगीत अपनाएं।
- पारिवारिक और सामाजिक सहयोग लेना भी तनाव से राहत दिला सकता है।
तनाव कम करने के प्राकृतिक उपाय
- गिलोय, अश्वगंधा और ब्राह्मी जैसे आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह से लें।
- टहलना और हल्की एक्सरसाइज़ ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं और मन शांत रखते हैं।
- अपने शौक में समय बिताएं – जैसे पेंटिंग, म्यूजिक, बागवानी आदि।
निष्कर्ष
डायबिटीज सिर्फ एक शारीरिक रोग नहीं है, यह मानसिक संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। अगर आप तनावमुक्त रहेंगे तो शुगर कंट्रोल अपने आप बेहतर होगा। डॉ. सुनंदा साहू कहती हैं – “सिर्फ दवा नहीं, भावना भी बदलें”।
Disclaimer: यह लेख केवल जागरूकता के उद्देश्य से है। तनाव या मधुमेह से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए कृपया अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।