बिना दवा के शुगर कैसे कंट्रोल करें?

भारत में हर साल लाखों लोग डायबिटीज (शुगर) की चपेट में आ रहे हैं। लेकिन क्या हर किसी को दवा लेनी ज़रूरी है? जवाब है – नहीं। सही जीवनशैली, आहार और कुछ प्राकृतिक उपायों के ज़रिए शुगर को बिना दवा के भी नियंत्रित किया जा सकता है।
“अगर आप अपनी आदतें सुधार लें – जैसे रोज़ चलना, सही खाना, स्ट्रेस कम करना – तो आपको दवा की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी।” – डॉ. सुनंदा साहू, न्यूट्रिशन एंड नेचुरल हीलिंग एक्सपर्ट
1. सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिएं
हर सुबह एक गिलास गुनगुना पानी नींबू के साथ पीना ब्लड शुगर कंट्रोल में सहायक होता है।
2. चलना आपकी सबसे बड़ी दवा है
खाने के बाद 30 मिनट चलने की आदत बनाएं। यह ग्लूकोज को सही तरीके से ब्रेक करने में मदद करता है।
3. भोजन में इन चीज़ों को शामिल करें
- जौ, रागी और बाजरे जैसे अनाज
- हरे पत्तेदार सब्जियां – पालक, मेथी, सहजन
- करेला, लौकी और परवल
- दालचीनी, मेथी दाना और नीम की पत्तियाँ
4. प्रोसेस्ड और पैकेट वाला खाना बंद करें
मैदा, सफेद चावल, चीनी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन शुगर को तेजी से बढ़ाता है। इन्हें पूरी तरह से बंद करें।
5. स्ट्रेस और नींद पर ध्यान दें
हर दिन कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें और ध्यान, योग या प्राणायाम का अभ्यास करें।
6. वजन कंट्रोल करना जरूरी
अधिक वजन वालों में टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क 3 गुना ज्यादा होता है। वज़न घटाने से शुगर लेवल अपने आप कंट्रोल में आ जाता है।
7. इंटरमिटेंट फास्टिंग आज़माएं
16:8 फास्टिंग पैटर्न (16 घंटे फास्ट और 8 घंटे खाओ) इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है और शुगर को घटाता है।
8. नियमित रूप से ब्लड शुगर मॉनिटर करें
रोज़ सुबह और खाने के बाद ब्लड शुगर चेक करें ताकि आपको अपने शरीर के रेस्पॉन्स का अंदाज़ा लग सके।
9. आयुर्वेदिक उपायों का सहारा लें
जैसे – मेथी पाउडर, गुड़मार, नीम पत्तियां, जामुन बीज चूर्ण आदि। लेकिन इनका सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार करें।
10. नियमित रूप से डॉक्टर से जांच कराएं
हालांकि आप दवा नहीं ले रहे हैं, फिर भी 3 महीने में एक बार HbA1c टेस्ट कराएं और अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहें।
“बिना दवा के शुगर कंट्रोल करना संभव है, लेकिन यह तभी होगा जब आप नियमितता और अनुशासन बनाए रखें।” – डॉ. सुनंदा साहू
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी जीवनशैली या आहार में बदलाव करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।