बिना डाइटिंग और जिम के वजन कैसे घटाएं – डॉ. सुनंदा साहू की सलाह

वजन कम करने की होड़ में लोग अक्सर खुद को भूखा रखने लगते हैं या महंगे जिम और डाइट प्लान्स में उलझ जाते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि शरीर का मेटाबॉलिज्म सही तरीके से काम कर रहा हो तो बिना भूखे रहे भी फैट कम किया जा सकता है। प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सुनंदा साहू कहती हैं कि देसी घरेलू उपायों से आप धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से वजन कम कर सकते हैं – वो भी बिना साइड इफेक्ट के।
उनके अनुसार, सबसे पहले अपने शरीर की नेचुरल सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद डालकर पीने से शरीर में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और पेट हल्का लगता है। यह एक प्राचीन नुस्खा है जो ना केवल वेट लॉस में मदद करता है बल्कि आपकी त्वचा को भी चमकदार बनाता है।
डॉ. साहू के अनुसार हर्बल तत्व जैसे कि रोज़मेरी, गिलोय, तुलसी और त्रिफला शरीर को अंदर से क्लीन करते हैं। ये न केवल पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं बल्कि फैट बर्निंग प्रक्रिया को भी तेज करते हैं। खासकर रोज़मेरी के पत्तों से बनी चाय आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करती है। रोज सुबह इसे पीने से भूख कंट्रोल होती है और पेट लंबे समय तक भरा महसूस करता है।

आयुर्वेद में कहा गया है कि जब तक शरीर के अग्नि तत्व (digestive fire) को संतुलित नहीं किया जाता, तब तक मोटापा दूर नहीं हो सकता। इसके लिए डॉ. सुनंदा साहू हल्दी और दालचीनी के मिश्रण को खाने से पहले लेने की सलाह देती हैं। हल्दी शरीर को इन्फ्लेमेशन से बचाती है जबकि दालचीनी इंसुलिन को नियंत्रित कर फैट को जमने से रोकती है।
इस प्रक्रिया में भूखा रहना या खाना छोड़ना सबसे बड़ा नुकसान कर सकता है। डॉ. साहू साफ कहती हैं कि वजन घटाने के लिए भूख मारना नहीं, बल्कि सही चीज़ें सही समय पर खाना ज़रूरी है। जैसे कि दिन की शुरुआत प्रोटीन युक्त नाश्ते से हो और दिन का खाना फाइबर युक्त हो। रात का खाना हल्का हो और सोने से कम से कम दो घंटे पहले लिया जाए।

यदि किसी को शारीरिक श्रम करने का समय नहीं मिल रहा तो दिन में कम से कम 20 मिनट टहलना या योगा जैसी हल्की गतिविधियाँ ज़रूर करनी चाहिए। शारीरिक हलचल से न केवल फैट बर्न होता है बल्कि मन और मस्तिष्क भी तनावमुक्त रहते हैं।
वजन घटाने की प्रक्रिया में सबसे जरूरी है धैर्य और निरंतरता। कोई भी देसी उपाय एक दिन में जादू नहीं करेगा लेकिन अगर आप 21 दिन तक किसी भी सही आदत को फॉलो करते हैं, तो शरीर खुद उसका असर दिखाने लगता है। यही कारण है कि डॉ. साहू हर रोगी को पहले 21 दिन की योजना देती हैं और फिर उस पर छोटे बदलाव करके स्थायी रिजल्ट दिलाती हैं।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी नुस्खे को अपनाने से पहले कृपया डॉक्टर या प्रमाणित आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें।