डायबिटीज में सही नींद का कनेक्शन – एक्सपर्ट की राय

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो हमारे जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करती है। इनमें से एक महत्वपूर्ण पहलू है नींद। सही नींद न केवल शरीर को आराम देती है बल्कि डायबिटीज को नियंत्रण में रखने में भी मदद करती है।
नींद और डायबिटीज का संबंध
अध्ययनों से पता चला है कि नींद की कमी या खराब नींद से शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता कम हो जाती है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा, नींद की खराब गुणवत्ता तनाव बढ़ाती है, जो डायबिटीज को और बिगाड़ सकती है।
कैसे सही नींद मदद करती है?
- हार्मोन संतुलन: नींद के दौरान शरीर इंसुलिन और अन्य हार्मोनों का सही संतुलन बनाता है।
- शारीरिक रीकवरी: मांसपेशियां और कोशिकाएं खुद को ठीक करती हैं, जिससे ऊर्जा स्तर बेहतर होता है।
- तनाव कम करना: अच्छी नींद तनाव हार्मोन को नियंत्रित करती है, जो ब्लड शुगर को प्रभावित करता है।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की सलाह
डॉ. साहू बताती हैं, “रोजाना 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद डायबिटीज नियंत्रण में अहम भूमिका निभाती है। सोने और जागने का एक निश्चित समय बनाएं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रहें।”
नींद सुधारने के टिप्स
- रात को सोने से पहले भारी भोजन न करें।
- सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल, टीवी आदि बंद कर दें।
- ध्यान और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
- आरामदायक और शांत वातावरण बनाएं।
नींद और डायबिटीज का कनेक्शन समझकर आप बेहतर जीवनशैली अपना सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं।
स्रोत: डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विशेषज्ञ
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।