डायबिटीज में ब्रेड या रोटी – कौन बेहतर है?

डायबिटीज (मधुमेह) के रोगियों के लिए हर बाइट मायने रखती है। हर रोज़ का खाना उनके ब्लड शुगर लेवल पर सीधा असर डालता है। ऐसे में अक्सर एक सवाल उठता है – ब्रेड खाएं या रोटी? दोनों देखने में साधारण लगती हैं, लेकिन इनके पोषण, ग्लाइसेमिक इंडेक्स और फाइबर की मात्रा में बड़ा अंतर होता है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कौन सा विकल्प डायबिटीज रोगियों के लिए ज़्यादा सुरक्षित और फायदेमंद है, और क्या कहती हैं डॉक्टर सुनंदा साहू (BNYS)।
1. ब्रेड: सुविधाजनक लेकिन खतरे से भरा
ब्रेड खासकर सफेद ब्रेड, मैदा से बनती है जो रेफाइन्ड कार्बोहाइड्रेट का प्रमुख स्रोत है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
- मैदे में फाइबर लगभग ना के बराबर होता है।
- ब्रेड में अक्सर प्रिज़र्वेटिव्स और शुगर भी मिलाए जाते हैं।
- खाली पेट ब्रेड खाने से शुगर स्पाइक तेज़ हो सकता है।
निष्कर्ष: डायबिटीज रोगियों को सफेद ब्रेड से परहेज़ करना चाहिए।
2. रोटी: देसी और डाइबिटिक-फ्रेंडली
रोटी, खासकर गेंहूं, जौ, चना या बाजरे के आटे से बनी हो तो यह डायबिटीज के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसमें फाइबर ज़्यादा होता है, जो ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है।
- ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्रेड से काफी कम होता है।
- घरेलू रोटियाँ बिना किसी प्रिज़र्वेटिव या शुगर के बनती हैं।
- फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्रोत होती हैं।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) के अनुसार, “डायबिटीज पेशेंट्स को अपनी प्लेट में अधिकतम फाइबर और न्यूनतम प्रोसेस्ड फूड शामिल करना चाहिए। रोटी ब्रेड से कहीं बेहतर और सेफ विकल्प है।”
3. कौन सी रोटी सबसे बेहतर है?
अगर आप डायबिटिक हैं, तो साधारण गेंहूं की जगह निम्नलिखित विकल्प ज़्यादा फायदेमंद होंगे:
- बाजरे की रोटी: लो GI और हाई फाइबर
- चना आटे की रोटी: प्रोटीन युक्त और शुगर कंट्रोलर
- ज्वार या मल्टीग्रेन आटा: धीरे-धीरे डाइजेस्ट होने वाला और एनर्जी से भरपूर
4. मिलाएं कुछ हेल्दी हैबिट्स
रोटी खाना तब और भी फायदेमंद होता है जब आप इन चीज़ों का ध्यान रखें:
- रोटी को हरी सब्जियों या दाल के साथ खाएं
- रात को रोटी की मात्रा कम रखें
- तेल या घी से भरपूर पराठों से बचें
5. क्या ब्राउन ब्रेड या मल्टीग्रेन ब्रेड बेहतर है?
अगर आपको कभी-कभार ब्रेड खानी पड़े, तो ब्राउन या मल्टीग्रेन ब्रेड चुन सकते हैं। लेकिन ध्यान दें कि:
- हर ब्राउन ब्रेड सच में हेल्दी नहीं होती
- लेबल पढ़ें – उसमें शुगर, मैदा या प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा न हो
- रोटी की तुलना में ब्रेड हमेशा सेकंडरी ऑप्शन ही रखें
निष्कर्ष
डायबिटीज रोगियों के लिए रोटी ब्रेड से कहीं बेहतर विकल्प है, खासकर अगर वह घर का बना हो और मोटे अनाज से तैयार की गई हो। ब्रेड का सेवन कम और सोच-समझ कर करें। डॉ. सुनंदा साहू कहती हैं – “आपका खाना ही आपकी दवा है। जितना कम प्रोसेस्ड फूड लेंगे, उतना बेहतर कंट्रोल मिलेगा।”
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार का डायबिटीज डाइट प्लान अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।