डायबिटीज में कौन सी दाल खानी चाहिए?

डायबिटीज के मरीजों के लिए दालें प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत होती हैं, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करती हैं। लेकिन हर दाल डायबिटिक मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं होती। सही दाल का चयन ब्लड ग्लूकोज़ को नियंत्रण में रखने के लिए जरूरी है।
“दालें ना केवल शरीर को ताकत देती हैं, बल्कि डायबिटीज के मेटाबोलिज्म को भी बेहतर बनाती हैं।” – डॉ. सुनंदा साहू (BNYS)
डायबिटीज में खाने योग्य सबसे बेहतरीन दालें
- मसूर दाल: इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और यह शुगर स्पाइक नहीं करती।
- चना दाल: फाइबर और प्रोटीन से भरपूर, ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाती है।
- मूंग दाल: सुपाच्य, हल्की और डायबिटिक मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित दाल।
- अरहर दाल (तुअर): नियमित मात्रा में खाएं, यह फाइबर से भरपूर होती है।
- मिश्रित दालें: पांच दालों का मिश्रण शरीर को सभी जरूरी अमीनो एसिड्स देता है।
किन दालों से सावधानी बरतें?
- उड़द दाल: थोड़ा भारी होती है, खासकर दही व घी के साथ सेवन न करें।
- तले हुए या ज्यादा मसालेदार दाल के व्यंजन: जैसे दाल फ्राय, इससे शुगर बढ़ सकती है।
दाल खाने का सही तरीका
- दाल में सब्जियां डालें जैसे पालक, टमाटर, लौकी – फाइबर और मिनरल्स बढ़ते हैं।
- कम नमक और तेल का प्रयोग करें।
- दाल को चावल के बजाय रोटी या सलाद के साथ खाएं।
- शाम को हल्की दाल खाएं, रात में भारी दाल से गैस या ब्लोटिंग हो सकती है।
डायबिटिक फ्रेंडली दाल रेसिपी सुझाव
- पालक मूंग दाल
- लो-ऑयल चना दाल तड़का
- मिक्स वेजिटेबल दाल खिचड़ी (ब्राउन राइस से)
- तुअर दाल में लौकी और टमाटर डालकर उबाली हुई
“हर दिन अलग-अलग दालों का सेवन करना डायबिटीज डाइट को बैलेंस बनाता है।” — डॉ. साहू
निष्कर्ष
डायबिटीज में दालें खाने से डरने की जरूरत नहीं है। बस सही दाल का चयन, कम मसालों और तेल का प्रयोग और संयमित मात्रा में सेवन करके आप दाल से मिलने वाले पोषण का लाभ उठा सकते हैं और ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन हेतु है। किसी भी प्रकार की डाइट बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लें।