डायबिटीज पेशेंट के लिए व्रत में क्या खाएं?

व्रत रखना एक धार्मिक परंपरा है, लेकिन डायबिटीज पेशेंट के लिए यह एक बड़ी चुनौती भी हो सकती है। व्रत में भोजन सीमित मात्रा में लिया जाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल गिर या बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि सही और संतुलित चीजें खाई जाएं।
“डायबिटीज के मरीज व्रत में भूखा न रहें, बल्कि हर 2-3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाएं जिससे शुगर लेवल स्थिर रहे।” – डॉ. मनीषा तिवारी, डायबिटीज एक्सपर्ट, मेदांता हॉस्पिटल
व्रत में क्या खाएं – डायबिटिक फ्रेंडली विकल्प
- साबूदाना कम मात्रा में और मूंगफली के साथ मिलाकर खाएं, जिससे ग्लाइसेमिक लोड कम हो।
- भुने हुए मखाने – कम फैट और लो कैलोरी स्नैक जो शुगर नहीं बढ़ाता।
- दही या छाछ – शरीर को ठंडक देता है और ब्लड शुगर बैलेंस करता है।
- नारियल पानी – प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ शुगर को स्थिर रखता है।
- उबले हुए शकरकंद – कॉम्प्लेक्स कार्ब होने के कारण धीरे-धीरे शुगर रिलीज करता है।
- फल: केवल सेब, अमरूद, पपीता जैसे लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल खाएं।
किन चीजों से बचें?
- साबूदाना खिचड़ी में अधिक आलू और घी न डालें।
- शक्कर, गुड़, मीठे फल (जैसे केला, अंगूर, आम) से बचें।
- बाजार से खरीदे पैकेज्ड फलाहार (चिप्स, नमकीन, ड्रिंक्स) न लें।
- ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें।
व्रत के दौरान ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग
व्रत के समय हर 4-5 घंटे में शुगर लेवल जांचें। यदि किसी समय कमजोरी, चक्कर, पसीना या अधिक प्यास लगे तो तुरंत कुछ खाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
व्रत तोड़ते समय क्या खाएं?
व्रत खत्म करने पर हल्का भोजन करें – जैसे मूंग दाल, रोटी, सब्ज़ी, दही। मिठाई या अधिक तले हुए भोजन से बचें।
निष्कर्ष
डायबिटीज मरीज भी व्रत रख सकते हैं, बस सही खानपान और मॉनिटरिंग जरूरी है। अपने डॉक्टर की सलाह लेकर व्रत की योजना बनाएं और कभी भी कमजोरी महसूस हो तो व्रत तोड़ने में संकोच न करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी हेतु है। कृपया व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर या डायबिटीज विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।