क्या रोजाना वॉक करने से शुगर कंट्रोल होती है?

डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित लोगों के लिए शुगर लेवल कंट्रोल करना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई लोग पूछते हैं – “क्या रोजाना वॉक करने से शुगर कंट्रोल हो सकती है?” इस सवाल का जवाब देती हैं डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), जो बताती हैं कि टहलना एक बेहद असरदार और सुरक्षित उपाय है।
कैसे मदद करती है वॉक?
- वॉक करने से शरीर में ग्लूकोज की खपत बढ़ती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कम होता है।
- इंसुलिन की संवेदनशीलता (Sensitivity) बढ़ती है, जिससे दवा या इंसुलिन की डोज कम हो सकती है।
- वजन नियंत्रण में मदद मिलती है, जो शुगर कंट्रोल का अहम हिस्सा है।
- रोजाना वॉक तनाव कम करता है, जिससे शुगर लेवल स्थिर रहता है।
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह
- हर दिन कम से कम 30 मिनट तेज़ चाल से वॉक करें।
- सुबह या शाम का समय चुनें जब धूप या गर्मी कम हो।
- खाली पेट वॉक न करें – थोड़ा हल्का भोजन करने के बाद टहलना बेहतर होता है।
- आरामदायक जूते पहनें और धीरे-धीरे शुरुआत करें।
शुगर मरीजों के लिए विशेष टिप्स
- खून में शुगर की मात्रा पर नजर रखें – वॉक से पहले और बाद में ग्लूकोमीटर से जांच करें।
- अगर ब्लड शुगर बहुत कम हो (Hypoglycemia), तो तुरंत कुछ मीठा खाएं।
- पानी जरूर साथ रखें ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
निष्कर्ष
अगर आप डायबिटीज से परेशान हैं तो रोजाना की वॉक आपकी सेहत को सुधारने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। डॉ. सुनंदा साहू कहती हैं – “वॉक एक ऐसी दवा है, जो मुफ़्त भी है और असरदार भी।”
Disclaimer: यह लेख केवल जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी प्रकार के शारीरिक व्यायाम की शुरुआत से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।