क्या टाइप 2 डायबिटीज रिवर्स हो सकती है?
लेखिका: Sunanda Sahu (BNYS)

टाइप 2 डायबिटीज को आमतौर पर एक क्रॉनिक यानी लंबे समय तक रहने वाली बीमारी माना जाता है। लेकिन क्या यह पूरी तरह रिवर्स हो सकती है? यानी क्या इंसान बिना दवा के ब्लड शुगर नॉर्मल रख सकता है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने बात की डॉ. Sunanda Sahu (BNYS) से।
डॉ. Sunanda Sahu का मत
डॉ. Sunanda Sahu कहती हैं, “टाइप 2 डायबिटीज को उचित डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल से रिवर्स किया जा सकता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि बीमारी पूरी तरह खत्म हो जाती है, बल्कि यह ‘रिमिशन’ की स्थिति कहलाती है।”
रिवर्सल संभव कैसे है?
- वजन घटाना: पेट की चर्बी को कम करना सबसे अहम है।
- लो-कार्ब डाइट: कार्बोहाइड्रेट कम करने से शुगर नियंत्रण बेहतर होता है।
- नियमित योग और वॉक: ब्लड शुगर लेवल स्थिर रखने में मदद मिलती है।
- इंटरमिटेंट फास्टिंग: कुछ केसों में इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।
रिवर्सल का मतलब क्या है?
डायबिटीज रिवर्स होने का मतलब यह नहीं कि अब इंसान हमेशा के लिए ठीक हो गया। इसका मतलब है कि आपका ब्लड शुगर बिना दवा के नॉर्मल रेंज में बना हुआ है। लेकिन अगर लाइफस्टाइल फिर से खराब हुई, तो डायबिटीज वापस आ सकती है।
किन मरीजों में अधिक संभावना?
- जिन्हें हाल ही में टाइप 2 डायबिटीज डायग्नोज हुई हो।
- जिनका BMI 25 से ज्यादा हो और वे वजन कम करने को तैयार हों।
- जो दवाओं पर पूरी तरह निर्भर नहीं हैं।
निष्कर्ष
टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल और कुछ मामलों में रिवर्स करना संभव है। इसके लिए एक समर्पित लाइफस्टाइल चाहिए – जिसमें हेल्दी डाइट, फिजिकल एक्टिविटी और मानसिक संतुलन शामिल हो। डॉ. Sunanda Sahu का सुझाव है कि “हर मरीज को अपनी हालत के अनुसार डॉक्टर की गाइडलाइन फॉलो करनी चाहिए।”
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। कृपया किसी भी बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल से परामर्श लें।