कौन सी सब्जी शुगर में फायदेमंद है?

डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। ऐसे में खानपान पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। खासकर सब्जियों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि कुछ सब्जियां ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करती हैं।
“डायबिटिक मरीजों को ऐसी सब्जियां खानी चाहिए जिनमें कार्बोहाइड्रेट कम और फाइबर व एंटीऑक्सीडेंट अधिक हों।” — डॉ. सुनंदा साहू (BNYS)
डायबिटीज में फायदेमंद सब्जियां:
- करेला: यह सबसे असरदार सब्जी मानी जाती है। इसमें पाए जाने वाले कंपाउंड इंसुलिन जैसा काम करते हैं और ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं।
- परवल: फाइबर से भरपूर यह सब्जी पाचन में मदद करती है और ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करती है।
- टिंडा: यह एक लो-ग्लाइसेमिक सब्जी है जो डायबिटिक मरीजों के लिए सुरक्षित है।
- पालक: आयरन, फाइबर और कैल्शियम से भरपूर पालक ब्लड शुगर को स्पाइक नहीं करता। इसे नियमित रूप से खाना फायदेमंद है।
- लौकी: पानी से भरपूर लौकी शरीर को ठंडक देती है और ब्लड शुगर लेवल स्थिर रखती है।
- भिंडी: इसमें म्यूसीलेज नामक फाइबर होता है जो शुगर के अब्जॉर्प्शन को धीमा करता है।
- ब्रोकली: एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट सब्जी जो इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती है।
- फूलगोभी: कम कार्ब और हाई फाइबर वाली यह सब्जी ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देती।
सब्जियों के सेवन के कुछ महत्वपूर्ण सुझाव:
- सब्जियों को उबालकर या हल्का स्टीम करके खाएं, ज्यादा तला-भुना ना खाएं।
- एक समय में विविध प्रकार की सब्जियां मिलाकर थाली बनाएं ताकि पोषण संतुलित रहे।
- प्रति दिन कम से कम 300-400 ग्राम हरी सब्जियां खाने की कोशिश करें।
- प्रोसेस्ड वेजिटेबल (डिब्बाबंद) से बचें क्योंकि इनमें अतिरिक्त नमक या चीनी हो सकती है।
किन सब्जियों से बचें?
- आलू: इसमें हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो शुगर तेजी से बढ़ा सकता है।
- शकरकंद: यह भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
- बीटरूट: बहुत अधिक मात्रा में ना लें क्योंकि इसमें नैचुरल शुगर होता है।
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह:
“डायबिटीज के मरीजों को हर दिन ताजे और मौसमी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। सब्जियों में मौजूद प्राकृतिक फाइटोकेमिकल्स और फाइबर ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करते हैं। साथ ही, यह शरीर को आवश्यक पोषण भी देते हैं।”
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी आहार योजना को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।