ऑफिस में डायबिटीज पेशेंट्स कैसे रखें हेल्थ का ख्याल?

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे कंट्रोल करना आसान तो है, लेकिन इसके लिए निरंतर सतर्कता और सही लाइफस्टाइल की जरूरत होती है। खासकर जब आप 9 से 10 घंटे ऑफिस में बिताते हैं, तो शुगर लेवल को बैलेंस में रखना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
1. अपने खान-पान को रखें स्मार्ट
ऑफिस में काम के बीच में अक्सर हम जल्दी में जो भी मिल जाए खा लेते हैं — जैसे समोसे, बिस्किट, चाय या जंक फूड। ये डायबिटीज को बढ़ा सकते हैं। अपने साथ घर का बना हेल्दी लंच ले जाएं जैसे कि फाइबर रिच रोटी-सब्जी, स्प्राउट्स, और फल। साथ ही, मिड मील स्नैक जैसे मूंगफली, भुना चना या खीरा जरूर शामिल करें।
2. हर एक घंटे में उठें और चलें
लंबे समय तक बैठे रहना ब्लड शुगर को अचानक बढ़ा सकता है। इसलिए हर एक घंटे में 3–5 मिनट के लिए वॉक करें — चाहे वो वॉशरूम जाना हो, पानी भरना हो या किसी कलीग से मिलना हो। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करता है।
3. पानी पिएं – लेकिन स्मार्टली
ऑफिस में बैठे-बैठे अक्सर हम पानी पीना भूल जाते हैं, या जरूरत से ज्यादा चाय-कॉफी पी लेते हैं। इसके बजाय हर 30–45 मिनट में थोड़ा पानी पिएं। इससे बॉडी हाइड्रेटेड रहती है और किडनी फंक्शन भी बेहतर रहता है, जो डायबिटीज के लिए जरूरी है।
4. स्ट्रेस मैनेजमेंट भी जरूरी
ऑफिस का स्ट्रेस शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है। अपने डेस्क पर बैठे-बैठे 5 मिनट की डीप ब्रीदिंग करें, माइंडफुलनेस प्रैक्टिस करें या आंखें बंद करके थोड़ा ध्यान लगाएं। यह मानसिक शांति देने के साथ-साथ शुगर कंट्रोल में भी सहायक है।
5. नियमित ब्लड शुगर चेक करें
अगर आप वर्किंग डायबिटिक हैं, तो सप्ताह में कम से कम दो बार ब्लड शुगर मॉनिटर करना चाहिए। इससे आपको पता चलता रहेगा कि कौन सी आदतें आपके शुगर को कंट्रोल कर रही हैं और कौन सी नहीं।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) का सुझाव:
“ऑफिस में छोटी-छोटी आदतें जैसे कि सही समय पर खाना, वॉक करना, और माइंडफुलनेस, डायबिटीज को लंबे समय तक कंट्रोल में रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। जितना हो सके प्रोसेस्ड फूड और तनाव से दूरी बनाए रखें।”
निष्कर्ष:
डायबिटीज को मैनेज करना मुश्किल नहीं है, बस आपको अपनी दिनचर्या में थोड़े से बदलाव करने की जरूरत है। ऑफिस में रहते हुए भी आप स्वस्थ रह सकते हैं — बस सही खानपान, थोड़ी-थोड़ी फिजिकल एक्टिविटी और माइंडफुलनेस से शुरुआत करें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। कृपया किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।