आंखों में धुंधलापन – शुगर से जुड़ा खतरा?

अगर आपको आंखों में अचानक धुंधलापन महसूस होने लगे, तो यह शुगर का असर हो सकता है। डायबिटीज में हाई ब्लड शुगर का स्तर रेटिना पर असर डालता है, जिससे आंखों की रोशनी पर प्रभाव पड़ता है।
यह स्थिति डायबेटिक रेटिनोपैथी कहलाती है, जिसमें आंखों की नसें सूज सकती हैं या रिसाव शुरू हो सकता है। यह समस्या समय पर इलाज न मिलने पर अंधेपन तक भी पहुंचा सकती है।
धुंधली दृष्टि के अन्य संभावित कारण:
- ब्लड शुगर का असंतुलन
- लंबे समय से अनियंत्रित डायबिटीज
- आंखों में लेंस में सूजन आना
- डायबिटिक मोतियाबिंद की शुरुआत
क्या करें?
- हर 6 महीने में आंखों की जांच कराएं।
- ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखें।
- मोबाइल स्क्रीन और टीवी से दूरी बनाए रखें।
- आंखों को ठंडे पानी से धोएं और विटामिन A लें।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) कहती हैं: “शुगर के मरीजों को आंखों में किसी भी तरह का बदलाव दिखे तो तुरंत रेटिना स्पेशलिस्ट से जांच करानी चाहिए। प्रारंभिक पहचान और नेचुरल थेरेपी से यह पूरी तरह नियंत्रित हो सकता है।”
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।