Periods Regular क्यों नहीं होते? असली वजह जानिए

क्या आपके पीरियड्स कभी समय पर आते हैं, कभी एकदम late? कभी-कभी दो महीने तक नहीं आते या फिर अचानक बहुत ज्यादा bleeding होती है? अगर हां, तो आप अकेली नहीं हैं। भारत में हर 5 में से 3 महिलाएं आज irregular periods की समस्या से जूझ रही हैं।
लेकिन इसका कारण क्या है? क्या ये stress है? या खाने का गलत तरीका? या कहीं कोई बीमारी? चलिए, आपको बताते हैं असली वजह जो आपके periods को control कर रही है — और शायद आपको पता भी नहीं।
1. Hormonal Imbalance – जड़ में यही है असली परेशानी
जब शरीर में estrogen, progesterone और luteinizing hormone जैसे हार्मोन बैलेंस में नहीं रहते, तो उनका सीधा असर आपके मासिक चक्र पर पड़ता है। PCOS, थायरॉइड, हाई प्रोलैक्टिन जैसी स्थितियां इसी imbalance से जुड़ी होती हैं।
डॉ. नीतू राव (Gynecologist, Bhopal) कहती हैं: “90% मामलों में पीरियड्स की अनियमितता का कारण हार्मोनल असंतुलन होता है। lifestyle और खाने की आदतें इसे और बिगाड़ती हैं।”
2. PCOS – सबसे आम वजह
PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) वो स्थिति है जिसमें अंडाशय में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं। इससे ovulation रुक जाता है या delay हो जाता है। नतीजा? या तो पीरियड्स बहुत दूर-दूर आते हैं या महीनों तक आते ही नहीं।
PCOS से जूझ रही लड़कियां अक्सर acne, वजन बढ़ना, facial hair, और mood swings जैसी परेशानियों से भी गुजरती हैं।
3. लगातार स्ट्रेस – साइलेंट डिसरप्टर
Stress आपके शरीर में cortisol बढ़ा देता है — जो reproductive hormones को suppress करता है। Office stress, relationship issues, या नींद की कमी… ये सब मिलकर आपके periods को चुपचाप बिगाड़ते हैं।
4. Weight Fluctuations – ज्यादा या बहुत कम वजन
बहुत ज्यादा वजन या अचानक weight loss — दोनों ही menstruation को disrupt कर सकते हैं। Excess fat से estrogen बढ़ता है, जो uterus lining को affect करता है। वहीं underweight महिलाएं ovulation ही skip करने लगती हैं।
5. Birth Control Pills और Emergency Contraceptives
अगर आपने हाल ही में कोई birth control method लिया है — pills, copper-T या hormonal patch — तो आपके periods में बदलाव आना normal है। लेकिन अगर ये ज्यादा समय तक चले, तो gynecologist से सलाह लें।
क्या करें?
- Lifestyle सुधारें: हर दिन 30 मिनट का walk, योग या हल्की कसरत करें
- प्राकृतिक आहार लें: ज्यादा processed food और चीनी से बचें
- नींद पूरी करें: कम से कम 7 घंटे गहरी नींद लें
- डॉक्टर से संपर्क करें: irregularity 3 महीनों से ज्यादा हो, तो test करवाएं
- PCOS check-up कराएं: अगर लक्षण मिलते-जुलते हों — जैसे वजन बढ़ना, acne, mood swings
घर पर करें ये सिंपल जांच
अगर आपके cycle 21 से 35 दिन के बीच नहीं है, या हर बार bleeding का pattern बहुत बदलता है, तो ये irregular कहलाता है। आप एक period tracking app जैसे Clue या Flo डाउनलोड कर सकती हैं। इससे pattern समझने में मदद मिलेगी।
जैसा कि डॉ. नीतू राव कहती हैं, “पैटर्न देखना और समझना पहला स्टेप है — जिससे आप समय रहते सही दिशा में कदम उठा सकें।”
अगर आप बार-बार दवाओं के सहारे periods को regulate कर रही हैं, तो एक बार root cause की तरफ ध्यान दें। यही सच्ची healing की शुरुआत है।
लेखिका: डॉ. नीतू राव (Gynecologist, Bhopal)