PCOS से उभरने के बाद कैसी दिखती है एक स्वस्थ महिला की ज़िन्दगी? डॉक्टर और असली अनुभवों से सीखिए

PCOS से जूझना जितना थकाऊ हो सकता है, उससे उबरना उतना ही जन्म लेने जैसा होता है। एक समय था जब थकान, अनियमित पीरियड्स, बाल झड़ना और मोटापा ज़िन्दगी की पहचान बन चुके थे। लेकिन आज — वही महिला खुद में हेल्दी, स्ट्रॉन्ग और कंट्रोल में
डॉ. सुनंदा साहू (MBBS, DGO) जो Bhopal में ReproPlus क्लिनिक की चीफ़ गायनेकॉलजिस्ट हैं, कहती हैं: “PCOS का इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं होता। जब महिला अपने शरीर को समझना शुरू करती है, तभी असली बदलाव आता है।”
PCOS से उबरने के बाद कैसा लगता है?
एक महिला जिसने 3 साल तक लगातार पीरियड्स की दिक्कत झेली, दिन-रात थकान से जूझी और हर तीसरे महीने डॉक्टर बदलती रही — आज अपने जीवन की सबसे फिट स्टेज पर है। न हार्मोनल दिक्कतें, न वजन बढ़ने की चिंता।
PCOS से उबरने का मतलब होता है अपने शरीर से फिर से दोस्ती करना। जब साइलेंट इंफ्लेमेशन खत्म होने लगे, तो शरीर जैसे खुद बोलने लगता है — “अब मैं फिर से तुम्हारा साथ देने को तैयार हूँ।”
क्या बदलता है?
❖ सुबह उठते ही जो भारीपन लगता था, वो गायब। ❖ पीरियड्स समय पर आने लगे हैं — वो भी बिना दर्द और दवाइयों के। ❖ बाल झड़ना रुक चुका है और चेहरे पर पहले जैसी चमक वापस आ गई है। ❖ डाइट और लाइफस्टाइल में इतना कंट्रोल कि बाहर का खाना देखकर भी लालच नहीं होता। ❖ बॉडी को महसूस होता है कि अब वो इम्यून और बैलेंस्ड है।
डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
डॉ. सुनंदा साहू के मुताबिक, महिलाएं अगर इन चार बातों पर ध्यान दें तो PCOS से उभरना मुश्किल नहीं:
1️⃣ सही खानपान: प्रोसेस्ड शुगर और ट्रांस फैट से दूरी बनाए रखें। घर का खाना, हाई फाइबर डाइट और प्रोबायोटिक चीजें जैसे दही बेहद फायदेमंद हैं।
2️⃣ डेली वॉक या योग: PCOS का सबसे असरदार इलाज एक्टिव रहना है।
3️⃣ नींद की अहमियत: हार्मोनल बैलेंस का सबसे जरूरी टूल है 7-8 घंटे की गहरी नींद।
4️⃣ मेंटल स्ट्रेस से दूरी: स्ट्रेस कोर्टिसोल बढ़ाता है, जिससे इंसुलिन रेसिस्टेंस और सूजन दोनों बढ़ते हैं। ध्यान, प्राणायाम और जर्नलिंग मदद कर सकते हैं।
एक नई शुरुआत का एहसास
PCOS से निकल कर जब आप अपने शरीर को नई ऊर्जा के साथ जीने लगती हैं, तो आपका आत्मविश्वास भी दोगुना हो जाता है। ये सिर्फ बीमारी से उबरना नहीं, बल्कि ज़िन्दगी को वापस अपनी शर्तों पर जीना
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।