PCOS या तनाव? कैसे पहचानें असली वजह

जब बार-बार पीरियड्स मिस हों, मूड खराब रहता हो, बाल झड़ने लगें और वजन बढ़ने लगे — तो अक्सर महिलाएं कंफ्यूज हो जाती हैं कि ये सब तनाव की वजह से हो रहा है या PCOS की वजह से?
यह फर्क करना जरूरी है क्योंकि दोनों के लक्षण बहुत हद तक मिलते-जुलते हैं, लेकिन इलाज की दिशा पूरी तरह अलग हो सकती है।
Dr. Sunanda Sahu (BNYS) कहती हैं, “कई बार लड़कियां खुद ही मान लेती हैं कि उन्हें PCOS है, जबकि असल में वो सिर्फ स्ट्रेस से गुजर रही होती हैं। और कई बार PCOS को मामूली तनाव समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।”
तनाव और PCOS में क्या समानताएं हैं?
- Irregular periods
- Mood swings और irritability
- Hair fall और skin breakouts
- Weight gain (specially belly fat)
- Thakavat aur energy ki kami
ऊपर दिए गए सभी लक्षण दोनों कंडीशन में देखे जा सकते हैं। लेकिन इनके पीछे का कारण अलग होता है।
PCOS की खास पहचान
PCOS यानी Polycystic Ovary Syndrome एक हार्मोनल डिसऑर्डर है जिसमें अंडाशय में cyst बनते हैं। इसके कारण androgen नामक पुरुष हार्मोन बढ़ जाता है।
Dr. Sunanda Sahu (BNYS) बताती हैं, “अगर आपको साल में 9 से कम बार periods आते हैं, चेहरे पर अचानक बाल बढ़ने लगे हैं, और ultrasound में cyst दिखे हैं, तो ये साफ संकेत है कि आपको PCOS हो सकता है।”
तनाव की पहचान कैसे करें?
तनाव भी hormonal changes करता है, लेकिन वो स्थायी नहीं होते। जब आप बहुत दिनों से पढ़ाई, नौकरी, या रिलेशनशिप की टेंशन में हैं, और आपके शारीरिक लक्षण उन्हीं समयों पर आते हैं, तो ये तनाव के लक्षण हो सकते हैं।
इसके लक्षणों में शामिल हैं:
- नींद की कमी या नींद ज्यादा आना
- दिल की धड़कन तेज होना
- भूख का कम या ज्यादा लगना
- बार-बार चिंतित महसूस करना
अगर तनाव कम होने पर आपकी periods और mood दोबारा ठीक होने लगे तो ये PCOS नहीं है।
PCOS और तनाव: दोनों साथ भी हो सकते हैं
कई बार PCOS के कारण लगातार periods की परेशानी, चेहरे पर acne और बाल झड़ने से महिलाएं तनाव में आ जाती हैं। और वही तनाव PCOS को और बिगाड़ देता है।
Dr. Sunanda Sahu (BNYS) कहती हैं, “PCOS में lifestyle modification जरूरी है। और इसमें स्ट्रेस मैनेजमेंट सबसे पहले आता है।”
कैसे करें सही पहचान?
- अपना menstrual cycle track करें — कितनी बार missed हुआ?
- क्या facial hair या unusual acne दिख रहा है?
- कोई recent emotional trauma या chronic stress है क्या?
- एक बार ultrasound और hormonal profile जरूर करवाएं
क्या करें अगर कन्फ्यूजन हो?
अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि असली वजह क्या है, तो घबराएं नहीं।
Dr. Sunanda Sahu (BNYS) की सलाह है कि आप 5–7 दिन की deep relaxation, योग और स्क्रीन डिटॉक्स आज़माएं। अगर इससे आपकी हालत सुधरती है तो स्ट्रेस जिम्मेदार है। लेकिन अगर लक्षण जस के तस हैं, तो डॉक्टर से मिलें और proper testing करवाएं।
PCOS हो या स्ट्रेस — दोनों का इलाज संभव है अगर आप समय रहते पहचान लें। हर लड़की को ये समझना जरूरी है कि शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना खुद से दूरी बनाना है।
लेखिका: Dr. Sunanda Sahu (BNYS)