PCOS में पेन किलर रोज़ लेना सही है या नहीं? डॉ. सुनंदा साहू का खुलासा

Polycystic Ovary Syndrome यानी PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए सबसे आम लक्षणों में से एक है – तेज पेट दर्द, क्रैम्प्स, और बेचैनी। दर्द से राहत पाने के लिए अक्सर महिलाएं पेन किलर की तरफ भागती हैं। लेकिन क्या रोज़ पेन किलर लेना सही है?
डॉ. सुनंदा साहू, जो कि महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य पर विशेष काम करती हैं, कहती हैं कि “हर दर्द को दबाना सही नहीं होता। कई बार दर्द शरीर का इशारा होता है कि कुछ अंदर से असंतुलन में है।”
PCOS में दर्द क्यों होता है?
- अनियमित पीरियड्स: PCOS में ओवरी में cyst बनने के कारण पीरियड्स अनियमित होते हैं जिससे क्रैम्प्स और दर्द ज्यादा हो सकता है।
- इंफ्लेमेशन: PCOS से शरीर में सूजन बनी रहती है जो दर्द को बढ़ावा देती है।
- हार्मोनल फ्लक्चुएशन: हार्मोन का असंतुलन भी पेट दर्द और सिरदर्द का कारण बनता है।
रोज़ पेन किलर लेना: फायदे या नुकसान?
शुरुआत में जब आप 1-2 टैबलेट लेती हैं तो तुरंत राहत महसूस होती है। लेकिन नियमित तौर पर लेने से क्या असर होता है?
1. लिवर और किडनी पर असर
डॉ. साहू के अनुसार, बार-बार पेन किलर लेने से लिवर और किडनी पर बोझ बढ़ता है। लंबे समय तक इसका इस्तेमाल अंगों को नुकसान पहुँचा सकता है।
2. बॉडी की नेचुरल सेंसिंग सिस्टम प्रभावित होती है
दर्द एक सिग्नल है कि कुछ गलत हो रहा है। जब आप बार-बार दर्द दबाती हैं, तो शरीर की प्राकृतिक चेतावनी प्रणाली धीमी हो जाती है।
3. हार्मोनल असंतुलन और बढ़ता है
कुछ NSAIDs दवाएं, हार्मोन के स्तर पर असर डाल सकती हैं, जिससे PCOS और बिगड़ सकता है।
तो फिर विकल्प क्या हैं?
रोज़ पेन किलर लेने की जगह आप नीचे दिए गए प्राकृतिक और सुरक्षित उपायों पर विचार कर सकती हैं:
1. हल्दी और अदरक का काढ़ा
हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर की सूजन कम करने में मदद करते हैं।
2. गर्म पानी की थैली
पेट पर 10–15 मिनट तक गर्म थैली रखने से क्रैम्प्स में राहत मिलती है।
3. PCOS फ्रेंडली डाइट
लो-ग्लाइसेमिक फूड जैसे कीन्वा, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और फल हार्मोन को बैलेंस करते हैं और दर्द को नियंत्रित करते हैं।
4. योग और ध्यान
PCOS में मकरासन, बालासन, और सुप्त बद्धकोणासन जैसे योगासन काफी राहतदायक होते हैं।
क्या कभी-कभी पेन किलर लेना ठीक है?
हां, अगर दर्द असहनीय है और कोई दूसरा उपाय नहीं है, तो कभी-कभी डॉक्टर की सलाह पर पेन किलर लिया जा सकता है। लेकिन इसका लगातार सेवन आदत न बने — यह बेहद जरूरी है।
डॉ. साहू कहती हैं, “PCOS को मैनेज करना केवल दवा से नहीं होता — यह एक जीवनशैली की लड़ाई है। हर महिला को अपने शरीर की बात सुननी चाहिए, न कि बस दर्द दबाना चाहिए।”
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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, डायग्नोसिस या इलाज के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।