HbA1c टेस्ट क्या होता है और क्यों जरूरी है?

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं या प्री-डायबेटिक हैं, तो आपने HbA1c टेस्ट का नाम जरूर सुना होगा। यह टेस्ट आपके खून में पिछले 2–3 महीनों की औसत ब्लड शुगर लेवल को मापता है।
HbA1c टेस्ट क्या मापता है?
जब ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा होती है, तो वह रेड ब्लड सेल्स में मौजूद हीमोग्लोबिन से चिपकने लगता है। HbA1c इसी ‘ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन’ की मात्रा को बताता है।
HbA1c की सामान्य रेंज
- नॉर्मल: 5.6% या उससे कम
- प्री-डायबिटिक: 5.7% से 6.4%
- डायबिटिक: 6.5% या उससे ज्यादा
HbA1c क्यों जरूरी है?
यह टेस्ट सिर्फ एक दिन की शुगर रिपोर्ट नहीं, बल्कि पिछले 3 महीनों की औसत स्थिति को दर्शाता है। इससे डॉक्टर को यह पता चलता है कि आपका शुगर कंट्रोल में है या नहीं।
टेस्ट कब करवाना चाहिए?
डायबिटीज मरीजों को हर 3 महीने में HbA1c टेस्ट कराना चाहिए। यदि शुगर कंट्रोल में है, तो 6 महीने में एक बार भी पर्याप्त हो सकता है।
टेस्ट की तैयारी
इस टेस्ट के लिए आपको फास्टिंग की जरूरत नहीं होती। आप किसी भी समय ब्लड सैंपल दे सकते हैं।
निष्कर्ष
HbA1c टेस्ट डायबिटीज के दीर्घकालिक मैनेजमेंट में बहुत उपयोगी है। यह सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि आपके जीवनशैली और खानपान की स्थिति को दर्शाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी टेस्ट या इलाज से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।