डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए सबसे असरदार योगासन

डायबिटीज आज के समय की एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है। लाखों लोग इसके कारण जीवनभर दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही जीवनशैली और योगाभ्यास से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है?
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), जो कि प्राकृतिक चिकित्सा और योग में विशेषज्ञ हैं, का मानना है कि योग सिर्फ शरीर को लचीलापन नहीं देता, बल्कि यह ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने में भी बेहद सहायक होता है। उन्होंने अपने अनेक मरीजों को केवल योग, ध्यान और आयुर्वेदिक खानपान से मधुमेह पर काबू दिलाया है।
डायबिटीज कंट्रोल करने वाले असरदार योगासन
यहाँ हम कुछ ऐसे योगासनों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें नियमित रूप से करने पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को काफी राहत मिल सकती है:
1. मंडूकासन (Frog Pose)
यह आसन अग्न्याशय (Pancreas) को उत्तेजित करता है, जिससे इंसुलिन का स्राव बेहतर होता है। सुबह खाली पेट करें और कुछ देर रुकें।
2. धनुरासन (Bow Pose)
यह आसन पेट के अंगों पर गहरा प्रभाव डालता है। इससे पाचन सुधरता है और शुगर का स्तर नियंत्रण में आता है।
3. वज्रासन (Thunderbolt Pose)
खाने के बाद केवल 5-10 मिनट इस आसन में बैठने से पाचन सही होता है और शुगर स्पाइक रुकता है।
4. अर्धमत्स्येन्द्रासन (Half Spinal Twist)
यह योगासन अग्न्याशय की कार्यक्षमता बढ़ाता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बहुत असरदार है।
5. प्राणायाम (Breathing Exercises)
अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं और मानसिक तनाव कम करते हैं, जिससे शुगर कंट्रोल में रहती है।
योग कब और कैसे करें?
डॉ. सुनंदा साहू बताती हैं कि सुबह का समय योग के लिए सबसे उत्तम होता है। लेकिन ध्यान रखें कि:
- योग हमेशा खाली पेट करें।
- धीरे-धीरे शुरुआत करें और आसनों को मजबूरी में न करें।
- किसी प्रशिक्षित योग चिकित्सक की सलाह से शुरुआत करें।
योग के साथ क्या रखें ध्यान?
सिर्फ योग से ही नहीं, डायबिटीज पर काबू पाने के लिए कुछ और जरूरी बातें:
- मीठे और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
- हर दिन कम से कम 30 मिनट वॉक करें।
- तनाव से दूर रहें और भरपूर नींद लें।
- रोज सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना लाभकारी होता है।
याद रखें, डायबिटीज कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो यह पूरी तरह कंट्रोल में लाई जा सकती है। योग, प्राणायाम और नैचुरल जीवनशैली को अपनाकर आप दवाइयों पर निर्भरता कम कर सकते हैं।
स्रोत: डॉ. सुनंदा साहू (BNYS), प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ