मधुमेह में हल्दी का उपयोग कैसे करें?

डायबिटीज यानी मधुमेह में ब्लड शुगर कंट्रोल करना सबसे जरूरी होता है। कई घरेलू उपायों में हल्दी को भी कारगर माना जाता है। डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) के अनुसार, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) एक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट तत्व है, जो मधुमेह नियंत्रण में मदद कर सकता है।
हल्दी के फायदे शुगर रोगियों के लिए
- इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करती है
- पैंक्रियाज को हेल्दी बनाए रखने में सहायक
- सूजन कम करती है जिससे डायबिटिक कॉम्प्लिकेशन का खतरा घटता है
- इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है
मधुमेह में हल्दी का उपयोग कैसे करें?
- हल्दी वाला दूध (टर्मरिक मिल्क): रात में सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध लें। शुगरफ्री दूध का उपयोग करें।
- गुनगुने पानी में हल्दी: सुबह खाली पेट आधा चम्मच हल्दी एक गिलास गर्म पानी में लें।
- हल्दी कैप्सूल: डॉक्टर की सलाह से आप हल्दी सप्लीमेंट या कैप्सूल ले सकते हैं।
- खाने में नियमित उपयोग: अपनी सब्जियों, दालों और करी में हल्दी का उपयोग जरूर करें।
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह
- हल्दी की मात्रा सीमित रखें – दिन में आधे से 1 चम्मच पर्याप्त है।
- अगर खून पतला करने की दवाइयाँ ले रहे हैं तो हल्दी का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।
- कच्ची हल्दी की बजाय पकी हुई हल्दी या हल्दी पाउडर बेहतर है।
कब न लें हल्दी?
- गर्भवती महिलाएं या शुगर लो होने की स्थिति में सावधानी बरतें।
- यदि एलर्जी या एसिडिटी हो, तो हल्दी का सेवन सीमित करें।
निष्कर्ष
मधुमेह में हल्दी एक असरदार प्राकृतिक उपाय हो सकता है। डॉ. सुनंदा साहू कहती हैं कि अगर सही मात्रा और सही समय पर हल्दी ली जाए, तो यह शुगर कंट्रोल और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें, खासकर अगर आप दवाइयां ले रहे हैं।