क्या शुगर मरीज को उपवास करना चाहिए?
लेखिका: Dr. Sunanda Sahu (BNYS)

डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या वे उपवास (fasting) कर सकते हैं या नहीं। उपवास का धार्मिक और मानसिक महत्व तो है ही, लेकिन ब्लड शुगर लेवल को देखते हुए यह एक संवेदनशील निर्णय है।
क्या उपवास डायबिटीज में सुरक्षित है?
Dr. Sunanda Sahu बताती हैं कि अगर सही गाइडलाइन के अनुसार किया जाए तो टाइप 2 डायबिटीज के मरीज सीमित और मॉनिटर किए गए उपवास कर सकते हैं। लेकिन यह व्यक्ति विशेष की हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है।
फायदे:
- इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हो सकती है
- वजन घटाने में मदद करता है
- पाचन को आराम मिलता है
किन शर्तों पर उपवास करें?
- ब्लड शुगर नियमित चेक करें
- हाइड्रेशन बनाए रखें: पानी, नारियल पानी लें
- फल और फाइबरयुक्त हल्का खाना लें (जैसे पपीता, खीरा, मूंग दाल चीला)
- डॉक्टर की सलाह के बिना लंबा उपवास न करें
कब उपवास नहीं करना चाहिए?
- अगर आपको टाइप 1 डायबिटीज है
- ब्लड शुगर बहुत कम या बहुत ज़्यादा रहता है
- इंसुलिन पर निर्भर हैं
- गर्भवती महिलाओं को
एक्सपर्ट टिप्स:
Dr. Sunanda Sahu सलाह देती हैं कि उपवास करते समय डायबिटीज मरीजों को खाली पेट न रहकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौष्टिक चीज़ें लेनी चाहिए ताकि शुगर लेवल में अचानक गिरावट न हो।
निष्कर्ष:
अगर आप टाइप 2 डायबिटीज के मरीज हैं और आपका शुगर नियंत्रित रहता है, तो आप डॉक्टर की सलाह से सीमित उपवास कर सकते हैं। लेकिन उपवास के दौरान सतर्कता, हाइड्रेशन और मॉनिटरिंग जरूरी है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी हेतु है। कृपया किसी भी उपवास या डाइट परिवर्तन से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।