क्या शुगर में बिस्किट खाना ठीक है?
लेखिका: Sunanda Sahu (BNYS)

डायबिटीज के मरीजों के लिए छोटी-छोटी चीज़ें जैसे बिस्किट भी बड़ा असर डाल सकती हैं। अक्सर लोग चाय के साथ बिस्किट खाते हैं, लेकिन सवाल है कि क्या यह आदत मधुमेह के मरीजों के लिए सुरक्षित है?
डॉ. Sunanda Sahu (BNYS) की राय:
Sunanda Sahu कहती हैं कि अधिकांश मार्केट में मिलने वाले बिस्किट में रिफाइंड आटा (मैदा), शुगर, और हाइड्रोजेनेटेड फैट
क्यों बिस्किट नुकसानदायक हो सकते हैं?
- अधिकांश बिस्किट में छुपी हुई चीनी होती है।
- रिफाइंड आटे से बना होने के कारण इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है।
- प्रोसेस्ड होने के कारण इसमें फाइबर बहुत कम होता है।
- कई बिस्किट में ट्रांस फैट और प्रिज़र्वेटिव्स भी होते हैं।
यदि खाना ही हो तो क्या करें?
- शुगर-फ्री, ओट्स या बाजरा से बने बिस्किट चुनें।
- घर पर कम शक्कर और साबुत अनाज से बने बिस्किट सबसे बेहतर हैं।
- बिस्किट को आदत न बनाएं – केवल कभी-कभी सीमित मात्रा में लें।
- चाय के साथ 1-2 बिस्किट से ज़्यादा न खाएं।
बेहतर विकल्प:
बिस्किट की जगह आप निम्न चीज़ें खा सकते हैं:
- सादा मुरमुरा या भूने हुए चने
- फ्रूट स्लाइस (जैसे सेब या अमरूद)
- ओट्स या रागी के लड्डू (बिना शक्कर के)
- मूंगफली या बादाम की सीमित मात्रा
निष्कर्ष:
डायबिटीज में सामान्य बिस्किट खाना उचित नहीं है, लेकिन यदि कोई स्पेशल डायबेटिक-फ्रेंडली विकल्प है तो कभी-कभी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। खाने से पहले लेबल पढ़ना और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य ज्ञान हेतु है। किसी भी बदलाव से पहले कृपया अपने डॉक्टर या BNYS विशेषज्ञ से सलाह लें।