मधुमेह में दही खाना चाहिए या नहीं?
लेखिका: Sunanda Sahu (BNYS)

डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए हर भोजन का चुनाव सोच-समझकर करना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दही खाना ठीक है या नहीं?
डॉ. Sunanda Sahu (BNYS) का मत:
डॉ. Sunanda बताती हैं कि दही एक प्रोबायोटिक फूड है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। यदि इसे सही मात्रा और तरीके से खाया जाए तो यह शुगर कंट्रोल में सहायक हो सकता है।
दही खाने के फायदे डायबिटीज में:
- दही में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है।
- इसमें कैल्शियम और विटामिन B12 मौजूद होता है, जो हड्डियों और नसों के लिए फायदेमंद है।
- प्रोबायोटिक गुण आंत की सेहत सुधारते हैं, जिससे इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ सकती है।
कैसे और कब खाएं दही?
- दोपहर के समय दही खाना सबसे अच्छा माना जाता है।
- मीठा दही या फ्लेवर्ड योगर्ट बिल्कुल न खाएं – उसमें शक्कर और प्रिज़र्वेटिव्स अधिक होते हैं।
- घर का बना सादा दही सबसे उपयुक्त है।
- एक बार में 1 कटोरी (100-150 ग्राम) से ज्यादा न खाएं।
कब बचना चाहिए दही से?
- रात में दही खाने से पाचन बिगड़ सकता है – डायबिटिक पेशेंट को खासतौर पर बचना चाहिए।
- अगर आपको कोल्ड, खांसी या एलर्जी की समस्या है तो दही से परहेज़ करें।
निष्कर्ष:
डायबिटीज के मरीज सही समय और मात्रा में दही का सेवन कर सकते हैं। यह न केवल शरीर को पोषण देता है, बल्कि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी सहायक है। पर याद रखें – मीठे दही या फ्रूट फ्लेवर योगर्ट से पूरी तरह बचें।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है। कृपया किसी भी आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या BNYS विशेषज्ञ से सलाह लें।