डायबिटीज के मरीज को नमक कैसे लेना चाहिए?

डायबिटीज में शुगर की मात्रा तो सभी नियंत्रित करते हैं, लेकिन नमक की ओर कम ध्यान देते हैं। नमक अधिक मात्रा में लेने से हाई ब्लड प्रेशर और किडनी की समस्या हो सकती है – जो डायबिटीज में पहले से ही जोखिमपूर्ण होते हैं।
“डायबिटीज मरीज को रोजाना 5 ग्राम यानी लगभग 1 छोटा चम्मच नमक से अधिक नहीं लेना चाहिए।” – डॉ. अमृता गुप्ता, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट, फोर्टिस हॉस्पिटल
नमक का डायबिटीज पर असर
- ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है
- किडनी पर लोड बढ़ाता है
- फ्लूड रिटेंशन के कारण सूजन
- दिल की बीमारियों का खतरा
कितना नमक सुरक्षित है?
WHO के अनुसार, रोज़ 5 ग्राम या उससे कम नमक का सेवन सुरक्षित माना जाता है।
सादा नमक के बजाय लो-सोडियम नमक या बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
कौन से खाद्य पदार्थों से छिपा नमक मिलता है?
- पैकेज्ड फूड (चिप्स, नमकीन)
- अचार, सॉस और केचप
- कांटेदार चीजें जैसे नमकीन बिस्किट
- रेस्टोरेंट फूड में छुपा हुआ नमक
नमक लेने के स्मार्ट तरीके
- खाना पकाते समय कम नमक डालें
- टेबल सॉल्ट का प्रयोग पूरी तरह बंद करें
- नींबू, हर्ब्स और मसालों से स्वाद बढ़ाएं
- लो-सोडियम नमक या हर्बल साल्ट ट्राय करें
निष्कर्ष
डायबिटीज के मरीजों को सिर्फ मीठा ही नहीं, बल्कि नमक का सेवन भी संतुलित करना जरूरी है। अगर आप लो-सोडियम विकल्प चुनें और प्रोसेस्ड फूड से बचें, तो आप अपने ब्लड प्रेशर और किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी आहार परिवर्तन से पहले अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लें।