आयुर्वेदिक तरीके से डायबिटीज कंट्रोल कैसे करें?
डायबिटीज आजकल एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। परंतु आयुर्वेद में इसके लिए कई प्राकृतिक और बिना साइड इफेक्ट वाले उपाय बताए गए हैं। यदि आप दवाइयों के साथ-साथ जीवनशैली में सुधार और प्राकृतिक विधियों को अपनाते हैं, तो शुगर कंट्रोल में आ सकती है।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS डॉक्टर) कहती हैं, “आयुर्वेद में मधुमेह को ‘प्रमेह’ कहा गया है, और इसका उपचार जीवनशैली, आहार और जड़ी-बूटियों से संभव है।”
आयुर्वेदिक उपाय जो डायबिटीज में मददगार हैं:
- मेथी दाना: 1 चम्मच मेथी के बीज रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करें। इसमें घुलनशील फाइबर होता है जो ग्लूकोज अब्जॉर्प्शन को धीमा करता है।
- जामुन का बीज: जामुन की गुठली को सुखाकर उसका चूर्ण बनाएं और रोज 1 चम्मच पानी के साथ लें। यह ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करता है।
- करेला जूस: करेला इंसुलिन जैसी क्रिया करता है। इसका जूस खाली पेट लेने से फायदा होता है।
- गिलोय: यह एक प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर है जो पाचन को ठीक करता है और शुगर को संतुलित रखता है।
- आमला: इसमें मौजूद विटामिन C और क्रोमियम इंसुलिन उत्पादन को बढ़ाता है।
आयुर्वेदिक दिनचर्या (Dinacharya) से लाभ:
डायबिटीज के मरीजों के लिए सुबह जल्दी उठना, गरम पानी पीना, हल्की एक्सरसाइज और प्राणायाम करना बेहद जरूरी है। इससे मेटाबॉलिज्म ठीक होता है और पाचन सही रहता है, जो डायबिटीज कंट्रोल में मदद करता है।
शुगर कंट्रोल में सहायक आयुर्वेदिक योग:
- त्रिकोणासन
- पश्चिमोत्तानासन
- वज्रासन (भोजन के बाद)
- कपालभाति और अनुलोम विलोम
किन चीजों से बचना चाहिए?
- अत्यधिक मीठा, मैदा, और प्रोसेस्ड फूड
- रात को देर तक जागना और दिन में सोना
- तनाव और अव्यवस्थित दिनचर्या
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह:
“डायबिटीज एक लाइफस्टाइल डिसऑर्डर है। अगर आप आयुर्वेदिक रूटीन को फॉलो करते हैं और संयमित आहार लेते हैं, तो ये बीमारी सिर्फ कंट्रोल में नहीं बल्कि काफी हद तक ठीक भी हो सकती है।”
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या घरेलू उपाय को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित BNYS वैद्य से सलाह जरूर लें।