PCOS मेडिकल टेस्ट में क्यों नहीं पकड़ा जाता? जानिए सच्चाई

अगर आपने थकान, बालों का झड़ना, वजन बढ़ना या अनियमित पीरियड्स जैसे लक्षण महसूस किए और फिर भी आपके ब्लड टेस्ट्स ने कुछ खास नहीं दिखाया — तो आप अकेली नहीं हैं। भारत में हजारों महिलाएं PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) से जूझ रही हैं, लेकिन उन्हें समय पर डायग्नोसिस नहीं मिल पाता। क्यों? क्योंकि PCOS को पकड़ना आसान नहीं है।
Dr. Sunanda Sahu (BNYS) बताती हैं कि “PCOS एक जटिल हार्मोनल समस्या है जिसमें हर महिला के लक्षण अलग हो सकते हैं। मेडिकल टेस्ट्स अक्सर सिर्फ सतही जानकारी दिखाते हैं, जिससे सही डायग्नोसिस मिस हो जाता है।”
PCOS क्यों मिस होता है मेडिकल टेस्ट में?
- स्टैंडर्ड टेस्ट का सीमित स्कोप: अक्सर सिर्फ ब्लड शुगर या थायरॉइड चेक होता है, जबकि PCOS के लिए एन्ड्रोजन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और अल्ट्रासाउंड जरूरी होते हैं।
- लक्षणों का भ्रम: मुहांसे, पीरियड का मिस होना या वजन बढ़ना – ये लक्षण थायरॉइड, तनाव या लाइफस्टाइल से भी हो सकते हैं, जिससे डॉक्टर भ्रमित हो जाते हैं।
- सभी के लक्षण अलग: किसी को पीरियड्स रेगुलर होते हैं लेकिन ओवरी में सिस्ट होती है। कोई स्लिम लड़की भी PCOS से ग्रसित हो सकती है, जिससे भ्रम और बढ़ता है।
- टेस्ट की टाइमिंग गलत: कई हार्मोनल टेस्ट्स को पीरियड साइकिल के खास दिनों में करना होता है, जो मिस हो जाते हैं।
Dr. Sunanda Sahu की सलाह
“अगर लक्षण बार-बार दिख रहे हैं, तो सिर्फ एक टेस्ट पर भरोसा मत करें,” डॉ. सुनंदा साहू कहती हैं। “संपूर्ण डायग्नोसिस के लिए ये स्टेप्स लें:”
- अल्ट्रासाउंड करवाएं – ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड PCOS का एक महत्वपूर्ण डायग्नोस्टिक टूल है।
- एन्ड्रोजन लेवल चेक कराएं – यह दिखाता है कि आपके शरीर में मेल हार्मोन की अधिकता तो नहीं।
- फास्टिंग इंसुलिन और ग्लूकोज टेस्ट – यह पता लगाता है कि आपका शरीर शुगर को कैसे प्रोसेस कर रहा है।
- अपने शरीर को सुनें – वजन, मूड, बालों की स्थिति और ऊर्जा स्तर जैसे संकेतों को नजरअंदाज न करें।
PCOS का सही समय पर पता लगाना क्यों ज़रूरी है?
अगर समय रहते PCOS का इलाज न किया जाए, तो यह आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, बांझपन और मेंटल हेल्थ समस्याओं का कारण बन सकता है।
Dr. Sunanda Sahu कहती हैं, “अगर आपको बार-बार थकान, चिड़चिड़ापन, अनियमित पीरियड्स या वजन की दिक्कत हो रही है, तो सिर्फ टेस्ट नॉर्मल आने पर संतुष्ट न हों – दूसरी राय जरूर लें।”
निष्कर्ष
PCOS एक “silent struggle” है जिसे मेडिकल टेस्ट आसानी से पकड़ नहीं पाते। इसलिए खुद की जागरूकता, अनुभवी नेचुरल थैरेपिस्ट का मार्गदर्शन और सही समय पर जांच बेहद ज़रूरी है।
अपनी सेहत की ज़िम्मेदारी खुद लें – क्योंकि आप जानती हैं कि आपके शरीर में क्या हो रहा है, टेस्ट नहीं।
लेखिका: Dr. Sunanda Sahu (BNYS)