PCOS से बाहर निकलकर एक हेल्दी और खुशहाल ज़िंदगी की ओर: जानिए कैसे करें शुरुआत (डॉक्टर के अनुसार)

PCOS का मतलब सिर्फ अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर बाल या वज़न बढ़ना नहीं होता। इसका मतलब होता है अपने शरीर से दोबारा जुड़ने की एक यात्रा।
आज की कहानी एक ऐसी महिला की है जिसने PCOS से जूझने के बाद न सिर्फ अपनी सेहत वापस पाई, बल्कि जिंदगी को एक नई दिशा दी।
PCOS से बाहर निकलना क्या संभव है?
डॉ. नम्रता सिंह (MD, Gynecology – मुंबई) कहती हैं, “PCOS एक कंट्रोल होने वाली स्थिति है, न कि जीवन भर की सज़ा। सही लाइफस्टाइल और पॉजिटिव सोच से महिलाएं इससे पूरी तरह उबर सकती हैं।”
इस महिला ने कैसे पाई जीत?
श्रुति (29), जो पहले PCOS के कारण हर वक्त थकी, चिड़चिड़ी और तनाव में रहती थी, अब न सिर्फ हेल्दी डाइट फॉलो करती है बल्कि हर दिन योग और मेडिटेशन से खुद को जोड़ चुकी है।
उसने बताया, “मैंने धीरे-धीरे शक्कर छोड़ना, हर दिन 7-8 घंटे सोना और नियमित एक्सरसाइज अपनाना शुरू किया। डॉक्टर की गाइडेंस में सप्लीमेंट्स और कुछ हॉर्मोनल दवाओं से भी मदद मिली।”
क्या आपको भी बदलाव की ज़रूरत है?
- 🔹 दिन की शुरुआत गरम पानी और नींबू से करें
- 🔹 हर दिन कम से कम 30 मिनट की एक्टिविटी (तेज़ चलना, योग या डांस)
- 🔹 प्रोटीन युक्त डाइट – दालें, चने, अंडे, पनीर
- 🔹 जंक फूड, सोडा और ज़्यादा शक्कर से दूरी
- 🔹 माइंडफुलनेस – मेडिटेशन और अच्छी नींद
खुशहाल जीवन के संकेत
PCOS से उबरने के बाद महिलाएं आमतौर पर ये बदलाव महसूस करती हैं:
- 🌿 चेहरे पर चमक और त्वचा में सुधार
- 🌿 समय पर पीरियड्स और कम दर्द
- 🌿 शरीर में हल्कापन और मन में ऊर्जा
- 🌿 मूड स्थिर और आत्मविश्वास में इज़ाफा
PCOS की जड़ में जाने पर आपको अपनी असली ताकत का एहसास होता है। और जब आप खुद के लिए खड़ी होती हैं, तब ही असली हीलिंग शुरू होती है।
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जागरूकता के लिए है। PCOS या किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा किसी प्रमाणित डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।