कैसे करें “Slow‑Food Method” से पेट की चर्बी घटाना – डॉ. सुनंदा साहू का सिद्ध तरीका

अगर आपने भी कई डाइट और एक्सरसाइज़ ट्राय किए लेकिन पेट की चर्बी नहीं जा रही, तो समस्या सिर्फ खाने की गुणवत्ता में नहीं — खाने की रफ्तार में भी होती है। डॉ. सुनंदा साहू बताती हैं कि Slow‑Food Method से मेटाबोलिज़्म बूस्ट होता है, इंसुलिन नियंत्रण में आता है, और खाने की मात्रा अपने आप घटने लगती है।
🕒 1. हर बाइट को कम से कम 20 बार चबाएं
मॉडर्न लाइफ में हम जल्दी-जल्दी खाते हैं — लेकिन जब भोजन को अच्छी तरह चबाया जाता है, तब एनज़ाइम्स फूड को पूरी तरह से डाइजेस्ट करते हैं। इससे ग्लूकोज़ कंट्रोल होता है, ब्लोटिंग कम होती है, और इंसुलिन की जरूरत घटती है।
🥗 2. फाइबर-रिच सलाद को पूरा चबाएं

हर भोजन के साथ एक छोटा दलिया या ककड़ी-सलाद लें। लेकिन ध्यान दें — उसे पूरी तरह से चबाते समय आपको 7-8 मिनट लगने चाहिए। इससे पेट जल्दी भरा लगता है और कैलोरी कम आती है।
🔥 3. भोजन के बीच में 2 मिनट आराम
Slow method में हर बाइट के बीच 2-3 मिनट ब्रेक रखें। इससे हमारे “सैच्युरेशन हार्मोन” काम करने का समय मिलता है, और हम ओवरईटिंग से बचते हैं। यह तरीका डॉ. साहू की क्लिनिक में हजारों मरीजों पर काम कर चुका है।
🔬 विज्ञान कहता है…
- धीमी चबाने से पेट से जुड़ी peptide YY और GLP-1 हार्मोन रिलीज होती है।
- इंसुलिन स्पाइक कम होता है, जिससे फैट जमा नहीं होता।
- पाचन चाक-चौबंद होने से ब्लोटिंग कम होती है और ऊर्जा बेहतर बनती है।

📝 रोज़ कैसे अपनाएं:
- नैचुरल मेडिटेशन के साथ भोजन शुरू करें – सुबह या दोपहर में 1 मिनट सांस गिनें।
- पहले तीन बाइट को 30 बार प्रति बाइट जरूर चबाएं।
- हर 5–6 बाइट के बाद 2 मिनट का छोटे आराम का ब्रेक लें।
- भोजन को दही, हल्दी, या काली मिर्च जैसे टिप्स से flavor डालें — जिससे लविंग बढ़े और तेज़ खाने की इच्छा कम हो।
डॉ. सुनंदा कहती हैं: “Slow eating सिर्फ रिवर्स नहीं करता है वजन को, बल्कि आपके भोजन के साथ आपके रिश्ते को भी मजबूत बनाता है। इसको अपनाइये और फर्क देखें — 14 दिन में पेट स्राफ्ट घटेगा और चाल-ढाल हल्की महसूस होगी।”
Disclaimer: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी पर आधारित है। यदि कोई मेडिकल कंडीशन है, तो डॉ. से सलाह लेने के बाद ही अपनाएं।