प्री-डायबिटिक लोगों को कौन सी जांच करानी चाहिए?

अगर आपका ब्लड शुगर लेवल सामान्य से थोड़ा अधिक है लेकिन डायबिटीज की सीमा तक नहीं पहुँचा है, तो आप प्री-डायबिटिक माने जाते हैं। ऐसे में सही समय पर जांच और निगरानी से आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं और टाइप 2 डायबिटीज से बच सकते हैं।
1. फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS)
यह जांच 8 घंटे उपवास के बाद की जाती है। प्री-डायबिटीज में इसका रेंज 100 से 125 mg/dL होता है।
2. HbA1c टेस्ट
यह टेस्ट पिछले 2–3 महीनों के औसत ब्लड शुगर को दर्शाता है। प्री-डायबिटिक स्थिति में यह 5.7% से 6.4% के बीच होता है।
3. OGTT (Oral Glucose Tolerance Test)
इसमें पहले उपवास में शुगर टेस्ट किया जाता है, फिर मीठा घोल पिलाने के बाद 2 घंटे में फिर से टेस्ट होता है। 140–199 mg/dL तक की रेंज प्री-डायबिटिक मानी जाती है।
4. लिपिड प्रोफाइल और किडनी फंक्शन टेस्ट
प्री-डायबिटिक लोगों को कोलेस्ट्रॉल और किडनी की जांच भी करानी चाहिए क्योंकि समय रहते नियंत्रण जरूरी है।
5. बीपी और वजन जांच
ब्लड प्रेशर और BMI को भी रेगुलर ट्रैक करें क्योंकि ये डायबिटीज के खतरे से जुड़े होते हैं।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) के अनुसार, “प्री-डायबिटिक स्थिति में जागरूकता और समय पर जांच ही आपकी सेहत को लंबी बीमारी से बचा सकती है। उचित डाइट, नियमित व्यायाम और योग से आप डायबिटीज को आने से रोक सकते हैं।”
निष्कर्ष: अगर आप प्री-डायबिटिक हैं, तो उपरोक्त जांचें ज़रूर कराएं और समय पर मेडिकल सलाह लें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी दवा या इलाज को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।