शुगर मरीज को कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

डायबिटीज (शुगर) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर लेवल अनियमित हो सकता है। कई बार मामूली लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर समस्या बन सकता है। तो शुगर मरीजों को कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की राय
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) कहती हैं, “अगर आपका ब्लड शुगर लेवल बार-बार बढ़ रहा हो या कोई असामान्य लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देरी करने से डायबिटिक कॉम्प्लिकेशन बढ़ सकते हैं।”
डॉक्टर के पास कब जाएं?
- लगातार थकान या कमजोरी महसूस हो रही हो।
- अचानक वजन घटने लगे बिना कारण।
- घाव ठीक न हो रहे हों, खासकर पैर में।
- धुंधला दिखाई देना या नजर में कमजोरी।
- पेशाब ज्यादा आना या बार-बार प्यास लगना।
- बार-बार लो या हाई शुगर एपिसोड्स आना।
- कोई भी सीने में दर्द, चक्कर, सांस फूलना जैसे हार्ट से जुड़े लक्षण दिखें।
रूटीन चेकअप भी जरूरी है:
भले ही लक्षण न हों, शुगर मरीजों को हर 3 से 6 महीने में डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए ताकि दवा और डाइट की सही निगरानी बनी रहे।
ब्लड शुगर मॉनिटरिंग:
- रोजाना फास्टिंग और पोस्ट मील शुगर की जांच करें।
- अगर इंसुलिन पर हैं, तो दिन में 3–4 बार शुगर लेवल जांचना जरूरी है।
- अगर शुगर बार-बार 250 mg/dL से ऊपर जा रही है, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
निष्कर्ष:
शुगर की बीमारी में लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) का सुझाव है कि समय पर डॉक्टर से मिलकर इलाज को मैनेज करना जीवन की गुणवत्ता बढ़ा सकता है और जटिलताओं से बचा सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। डायबिटीज के किसी भी लक्षण में उचित चिकित्सा सलाह जरूर लें।