शुगर मरीज के लिए एक्सरसाइज – एक नेचुरल उपाय
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो जीवनशैली से जुड़ी है, और इसे काबू में रखने का सबसे बड़ा हथियार है – **एक्सरसाइज**। अगर आप मधुमेह के मरीज हैं, तो केवल दवा पर निर्भर रहने से बेहतर है कि आप शरीर को सक्रिय रखें। सही एक्सरसाइज से न सिर्फ ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है बल्कि शरीर की इंसुलिन की कार्यक्षमता भी बढ़ती है।
क्यों जरूरी है एक्सरसाइज?
एक्टिव रहने से ब्लड में जमा ग्लूकोज़ को शरीर उपयोग करने लगता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर नैचुरली नीचे आता है। खासकर टाइप 2 डायबिटीज में, एक्सरसाइज इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद करती है।
ध्यान दें: नियमित वॉक करने से Fasting Blood Sugar में औसतन 20-30 mg/dL की गिरावट देखी गई है – डॉ. सुनंदा साहू (BNYS डॉक्टर)
शुगर मरीजों के लिए फायदेमंद एक्सरसाइज:
- सुबह की वॉक: हर दिन कम से कम 30 मिनट की तेज चाल वाली वॉक ब्लड सर्कुलेशन को सुधारती है और शुगर लेवल स्थिर रखती है।
- प्राणायाम: अनुलोम-विलोम, कपालभाति जैसी श्वसन क्रियाएं ब्लड ऑक्सीजन बढ़ाकर मेटाबॉलिज्म को ठीक करती हैं।
- योगासनों में: वज्रासन, त्रिकोणासन और पश्चिमोत्तानासन जैसे योग आसान और असरदार हैं।
- हल्का स्ट्रेचिंग: शरीर को लचीला बनाए रखने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- साइक्लिंग और तैराकी: ये कार्डियो एक्टिविटीज शरीर को फिट और ब्लड शुगर को काबू में रखती हैं।
एक्सरसाइज कब और कैसे करें?
शुगर पेशेंट्स को खाने के 30 से 45 मिनट बाद एक्सरसाइज करनी चाहिए, ताकि ब्लड शुगर अचानक कम न हो। खाली पेट तेज एक्सरसाइज से बचें। यदि शुगर 250 mg/dL से ऊपर हो तो पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
डॉ. सुनंदा साहू का मानना है:
प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) में एक्सरसाइज सबसे सशक्त उपाय है। डॉ. सुनंदा कहती हैं कि “एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर बहुत से मरीज दवा से छुटकारा पा चुके हैं।” उनकी सलाह के अनुसार, हर व्यक्ति को अपनी उम्र और क्षमता के अनुसार वर्कआउट चुनना चाहिए।
कुछ जरूरी सावधानियाँ:
- ब्लड शुगर लेवल को वर्कआउट से पहले और बाद में चेक करें।
- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं।
- लो शुगर के संकेत जैसे चक्कर, पसीना, कमजोरी पर तुरंत ब्रेक लें।
शुगर एक ऐसी बीमारी है जिसे जीवनशैली और नियमित गतिविधियों के जरिए बहुत हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप हर दिन 30 से 45 मिनट अपने शरीर को देते हैं, तो इसका असर कुछ ही हफ्तों में महसूस होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी एक्सरसाइज रूटीन की शुरुआत करने से पहले अपने चिकित्सक या प्रमाणित BNYS डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।