शुगर पेशेंट्स में हार्ट अटैक का खतरा क्यों ज्यादा होता है?

डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) के अनुसार, डायबिटीज केवल ब्लड शुगर की समस्या नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर के कई सिस्टम को प्रभावित करती है — विशेष रूप से दिल को।
1. हाई ब्लड शुगर और धमनियों पर असर
जब ब्लड शुगर लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो ये धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे ब्लॉकेज बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह हार्ट अटैक की सीधी वजह बन सकती है।
2. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ते हैं
डायबिटीज के मरीजों में अक्सर हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी देखी जाती है, जो दिल पर दबाव बढ़ाते हैं और हार्ट अटैक की रिस्क को कई गुना बढ़ा देते हैं।
3. नर्व डैमेज से लक्षणों का पता नहीं चलता
शुगर से होने वाली नर्व डैमेज के कारण कई बार हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण जैसे छाती में दर्द महसूस नहीं होते, जिससे मरीज समय पर इलाज नहीं ले पाता।
4. इंसुलिन रेसिस्टेंस का कनेक्शन
डायबिटीज इंसुलिन रेसिस्टेंस से जुड़ी होती है, जो शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ा सकती है। यह सूजन हार्ट की बीमारियों को जन्म देती है।
5. कैसे बचाव करें?
- ब्लड शुगर को हमेशा कंट्रोल में रखें
- डेली 30 मिनट वॉक या योग करें
- संतुलित और कम शुगर वाला आहार लें
- साल में एक बार ECG और अन्य हार्ट टेस्ट जरूर कराएं
ध्यान रखें कि समय पर चेतावनी संकेतों को पहचानना और नियमित चेकअप कराना हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।