शुगर कम करने की होम रेमेडी

डायबिटीज या शुगर एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, खासकर भारत में। लेकिन अगर शुरुआत में ही इस पर ध्यान दिया जाए और घरेलू उपायों को अपनाया जाए, तो बिना दवा के भी इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
“प्राकृतिक जड़ी-बूटियाँ और घरेलू नुस्खे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कारगर हो सकते हैं, यदि इन्हें सही समय और मात्रा में लिया जाए।” — डॉ. सुनंदा साहू (BNYS)
1. मेथी के दाने:
रात को एक चम्मच मेथी के दाने पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट उस पानी को पी लें। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है।
2. दालचीनी का सेवन:
दालचीनी एक प्राकृतिक शुगर बूस्टर है। इसे गर्म पानी में मिलाकर पी सकते हैं या सब्जियों में मिलाकर खा सकते हैं। यह ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।
3. करेला जूस:
करेले में पाए जाने वाले कंपाउंड इंसुलिन जैसे काम करते हैं। 50-100ml करेले का जूस रोज सुबह पीना डायबिटिक मरीजों के लिए लाभकारी है।
4. आंवला और एलोवेरा जूस:
आंवला विटामिन C से भरपूर होता है और एलोवेरा ब्लड को साफ करता है। इन दोनों का मिश्रित जूस ब्लड शुगर लेवल कम करने में मदद करता है।
5. गुड़मार बूटी:
यह आयुर्वेदिक बूटी मीठे के प्रति लालसा को कम करती है और पैंक्रियाज को इंसुलिन बनाने के लिए प्रेरित करती है। इसका पाउडर गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है।
6. जामुन के बीज का पाउडर:
जामुन के बीज सुखाकर पीस लें और रोज 1 चम्मच खाली पेट लें। यह प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।
7. नीम की पत्तियाँ:
नीम एंटी-डायबेटिक गुणों से भरपूर होता है। सुबह खाली पेट 5-7 पत्तियाँ चबाने से शुगर नियंत्रण में रहती है।
8. तुलसी और करी पत्ता:
तुलसी और करी पत्ते ब्लड शुगर के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करते हैं। सुबह इनके 5-7 पत्ते चबाना फायदेमंद रहता है।
9. फिजिकल एक्टिविटी:
हर दिन कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या प्राणायाम करें। इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और ब्लड शुगर स्थिर रहता है।
10. खानपान में बदलाव:
- सफेद चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें।
- साबुत अनाज, हरी सब्जियाँ, फल (कम मात्रा में), और दालों का सेवन बढ़ाएं।
- हर 3 घंटे में कुछ न कुछ हेल्दी खाएं, भूखा न रहें।
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह:
“होम रेमेडीज़ तब ही प्रभावी होती हैं जब उन्हें निरंतरता और संयम के साथ अपनाया जाए। साथ ही, हर 3-6 महीने में ब्लड शुगर लेवल की जाँच अवश्य कराएं। यदि घरेलू उपायों से असर न दिखे, तो डॉक्टर की सलाह लें।”
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। डायबिटीज से संबंधित कोई भी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर या प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।