क्या रोज़ वजन चेक करना फायदेमंद है या मानसिक तनाव का कारण? Dr. Sunanda Sahu की Real Advice

बहुत से लोग weight loss journey में रोज़ अपना वजन नापते हैं। कभी बढ़ा हुआ दिखता है तो कभी कम। लेकिन सवाल ये है कि क्या रोज़ weighing machine पर चढ़ना अच्छा है या इससे मानसिक तनाव ही बढ़ता है?
⚖️ Scientific View:
NIH रिसर्च कहती है कि रोज़ वजन चेक करने से motivation तो मिल सकता है, लेकिन अगर fluctuations की वजह से frustration हो, तो ये उल्टा असर डाल सकता है।
🧠 Dr. Sunanda का सुझाव:
- रोज़ नहीं, हफ्ते में 1 या 2 बार fix time पर सुबह empty stomach वजन चेक करें।
- Focus सिर्फ number पर नहीं, body fat %, measurements और energy level पर भी होना चाहिए।
- Weight fluctuation का मतलब fat gain नहीं – पानी, salt, hormones सब असर डालते हैं।

Dr. Sunanda: “वजन का नंबर आपको guide करे, control नहीं। Over-monitoring से ज्यादा guilt और anxiety हो सकती है।”
Disclaimer: वजन मापने की आदत psychological impact डाल सकती है – अगर आप eating disorder से जूझ रहे हों तो प्रोफेशनल की सलाह लें।