मधुमेह में चावल खाना चाहिए या नहीं?

भारत में चावल एक मुख्य भोजन है जिसे लगभग हर घर में खाया जाता है। लेकिन जब किसी को मधुमेह (डायबिटीज़) होता है, तो सबसे पहला सवाल यही उठता है – क्या अब मैं चावल खा सकता हूँ?
इस लेख में हम जानेंगे कि चावल डायबिटिक मरीजों के लिए सही है या नहीं, कौन सा चावल बेहतर है, और इसे कैसे खाया जाए ताकि ब्लड शुगर लेवल पर असर ना पड़े।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) कहती हैं – “डायबिटीज़ में चावल पूरी तरह से वर्जित नहीं है, लेकिन सही मात्रा, समय और प्रकार जानना जरूरी है।”
चावल और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI)
चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) मध्यम से उच्च होता है, खासकर सफेद चावल का। इसका मतलब है कि यह तेजी से पचता है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। यही कारण है कि डायबिटिक मरीजों को चावल खाने से मना किया जाता है।
क्या चावल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?
नहीं। अगर आप पोर्शन कंट्रोल करें, चावल को सही प्रकार से पकाएं और उसके साथ फाइबर युक्त भोजन लें, तो इसे नियंत्रित मात्रा में खाया जा सकता है।
सफेद बनाम ब्राउन राइस
- सफेद चावल: इसमें से बाहरी फाइबर वाली परत हटा दी जाती है, जिससे इसमें पोषण और फाइबर कम हो जाते हैं। यह जल्दी पच जाता है और शुगर लेवल तेजी से बढ़ाता है।
- ब्राउन राइस: इसमें फाइबर बना रहता है, यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता।
कैसे खाएं चावल अगर आप शुगर पेशेंट हैं?
- एक समय में आधे कटोरी से ज्यादा चावल ना लें।
- चावल के साथ सब्ज़ी, दाल और सलाद जरूर खाएं ताकि फाइबर की मात्रा बढ़े।
- तली हुई या पुलाव जैसी फैटी रेसिपी से बचें।
- ब्राउन राइस या मिक्स अनाज वाला चावल इस्तेमाल करें।
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह:
“अगर आपको चावल बहुत पसंद है, तो आप इसे हफ्ते में 2-3 बार खा सकते हैं, लेकिन लंच में और बाकी खाने के साथ बैलेंस बनाकर ही लें। रात को चावल खाना पूरी तरह से टालें क्योंकि इस समय पाचन धीमा होता है।”
चावल के बेहतर विकल्प:
- बाजरे की रोटी
- ज्वार या रागी रोटी
- दलिया या ओट्स
- क्विनोआ (अगर उपलब्ध हो)
निष्कर्ष:
डायबिटीज़ में चावल पूरी तरह से वर्जित नहीं है, लेकिन उसका चयन और मात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस लें, और साथ में पर्याप्त फाइबर और प्रोटीन जोड़ें। इससे ब्लड शुगर स्थिर रहेगा और आप अपने पसंदीदा भोजन का आनंद भी ले पाएंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जनरल जानकारी के लिए है। डायबिटीज़ से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले कृपया अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।