त्रिफला और डायबिटीज – सही तरीका जानिए

त्रिफला – आयुर्वेद की वो औषधि जो तीन फलों (हरड़, बहेड़ा, आंवला) से मिलकर बनती है – ना सिर्फ पाचन में सहायक है, बल्कि डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी में भी बेहद उपयोगी मानी जाती है। चलिए जानते हैं त्रिफला का उपयोग ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए कैसे करें।
त्रिफला के लाभ डायबिटीज में
- ब्लड ग्लूकोज़ के स्तर को नियंत्रित करता है।
- इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है।
- आंतों की सफाई करके मेटाबोलिज्म सुधारता है।
- एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो कोशिकाओं की रक्षा करते हैं।
त्रिफला लेने का सही तरीका डायबिटीज के लिए
- रात को सोने से पहले: एक चम्मच त्रिफला पाउडर को गुनगुने पानी या गुनगुने दूध के साथ लें।
- खाली पेट: कुछ लोग सुबह खाली पेट भी त्रिफला पानी के साथ लेते हैं। इससे पाचन और शुगर दोनों पर अच्छा असर होता है।
- त्रिफला चूर्ण + हल्दी: 1/2 चम्मच त्रिफला में चुटकीभर हल्दी मिलाकर लेना और भी फायदेमंद माना गया है।
कितने दिन में असर नजर आता है?
लगातार 2 से 4 हफ्तों तक उपयोग करने पर ब्लड शुगर लेवल में नियंत्रण महसूस होने लगता है। हालांकि, हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है इसलिए निगरानी रखें।
किन्हें नहीं लेना चाहिए?
- जिन्हें बार-बार दस्त की शिकायत हो, उन्हें त्रिफला सीमित मात्रा में लेना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं बिना सलाह न लें।
- डायबिटीज की दवा लेने वाले डॉक्टर से परामर्श करें क्योंकि त्रिफला शुगर बहुत तेजी से घटा सकता है।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी औषधीय उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।