डायबिटीज में सबसे फायदेमंद रोटी कौन सी है?

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें खानपान का बेहद ध्यान रखना होता है। खासकर जब बात आती है रोटी की, तो ये सवाल बार-बार उठता है — गेहूं, जौ, या बाजरे की रोटी? क्या एक डायबिटिक व्यक्ति को नॉर्मल गेहूं की रोटी खानी चाहिए या किसी और तरह की?
गेहूं की रोटी – नुकसान भी और फायदेमंद भी?
ज्यादातर घरों में गेहूं की रोटी ही खाई जाती है। पर डायबिटीज के मरीजों के लिए ये हमेशा सही नहीं होती। गेहूं में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) ज्यादा होता है, जो ब्लड शुगर को जल्दी बढ़ा सकता है।
बाजरे की रोटी – एक सुपरफूड!
बाजरा फाइबर से भरपूर होता है और इसका GI बहुत कम होता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और शुगर धीरे-धीरे रिलीज़ करता है। यह सर्दियों में खासकर बेहद फायदेमंद माना जाता है।
जौ की रोटी – underrated लेकिन जबरदस्त
जौ (Barley) डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतरीन ऑप्शन है। इसमें बीटा-ग्लुकन नामक फाइबर होता है जो ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित करने में मदद करता है। साथ ही ये पेट के लिए भी हल्की होती है।
तो क्या खाएं?
अगर आप डायबिटीज से जूझ रहे हैं, तो बाजरे या जौ की रोटी को अपने भोजन में शामिल करना सबसे अच्छा रहेगा। अगर गेहूं ही खाना चाहते हैं, तो उसे चोकर सहित (atta with bran) लें और जौ या बाजरे के साथ मिक्स कर लें।
प्रैक्टिकल टिप्स:
- बाजरा + जौ + गेहूं का मिक्स आटा प्रयोग करें।
- रोटी को ज्यादा घी में न सेकें।
- हर मील में रोटी की मात्रा सीमित रखें (1-2 रोटी)।
- रोटी के साथ हरी सब्ज़ियाँ ज़रूर खाएं।
“डायबिटीज में सही खानपान ही असली दवा है।” – डॉ. सुनंदा साहू (BNYS)
निष्कर्ष:
डायबिटीज में बाजरे और जौ की रोटी सबसे अच्छा विकल्प हैं। ये ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देती और शरीर को जरूरी पोषण भी देती हैं। रोज़ाना के भोजन में हल्का बदलाव करके आप अपने शुगर लेवल को लंबे समय तक कंट्रोल में रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जनरल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार की डायबिटीज डाइट अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें। इस लेख में दी गई सलाह डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की सामान्य सलाह पर आधारित है।