डायबिटीज में नींद कितनी जरूरी है?

डायबिटीज यानी मधुमेह की स्थिति में शरीर के ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी होता है। इसके साथ ही नींद का हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है, खासकर डायबिटीज में। डॉक्टर सुनंदा साहू (BNYS) बताती हैं कि अच्छी और पर्याप्त नींद से डायबिटीज नियंत्रण बेहतर होता है।
नींद और डायबिटीज का संबंध
जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो शरीर में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। इससे इंसुलिन की संवेदनशीलता घटती है और ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसके अलावा नींद की कमी से तनाव बढ़ता है जो डायबिटीज के लिए हानिकारक होता है।
डॉ. सुनंदा साहू की सलाह
डॉ. सुनंदा साहू के अनुसार, “डायबिटीज के मरीजों को रोजाना 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना जरूरी है। यह ना सिर्फ ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद करता है, बल्कि शरीर की इम्यूनिटी भी मजबूत करता है।”
अच्छी नींद के लिए सुझाव
- रात को एक ही समय पर सोने और उठने का नियम बनाएँ।
- सोने से पहले भारी भोजन और कैफीन से बचें।
- सोने के कमरे को ठंडा, अंधेरा और शांत रखें।
- फोन और टीवी से दूर रहकर रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं।
निष्कर्ष
नींद डायबिटीज नियंत्रण का एक अहम हिस्सा है। बिना अच्छी नींद के शरीर के हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं और ब्लड शुगर स्तर बढ़ सकता है। डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की सलाह है कि मधुमेह के मरीज अपनी नींद का खास ध्यान रखें ताकि बेहतर स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता बनी रहे।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।