डायबिटीज में खाने की मात्रा कैसे तय करें?
लेखिका: Dr. Sunanda Sahu (BNYS)

डायबिटीज में केवल यह जानना जरूरी नहीं है कि क्या खाना चाहिए, बल्कि यह जानना भी उतना ही जरूरी है कि कितनी मात्रा में खाना चाहिए। Dr. Sunanda Sahu (BNYS) के अनुसार, सही पोर्शन साइज ब्लड शुगर कंट्रोल में अहम भूमिका निभाता है।
खाने की मात्रा क्यों मायने रखती है?
यदि आप हेल्दी खाना भी अधिक मात्रा में खा लेते हैं, तो इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए प्लेट प्लानिंग, कैलोरी कंट्रोल और पोर्शन साइजिंग का पालन करना जरूरी है।
प्लेट मेथड (Plate Method)
Dr. Sunanda Sahu के अनुसार, डायबिटिक रोगी के लिए ‘प्लेट मेथड’ सबसे आसान और प्रभावी तरीका है:
- ½ प्लेट – सब्जियाँ (हरी पत्तेदार, लो-स्टार्च वाली)
- ¼ प्लेट – प्रोटीन स्रोत (दाल, पनीर, अंडा सफेद भाग)
- ¼ प्लेट – हेल्दी कार्ब्स (ब्राउन राइस, रोटी, ओट्स)
मील पोर्शनिंग के कुछ टिप्स:
- दिन में 5-6 छोटे मील लें, एक साथ भारी भोजन न करें
- 1 रोटी से ज्यादा न लें – कोशिश करें बिना घी की
- फल एक बार में एक मुठ्ठी (100-150 ग्राम) तक ही
- मिठाई, रिफाइंड फूड या स्नैक्स सीमित मात्रा में ही
- दोपहर और रात के खाने में अंतर हो – रात को हल्का भोजन करें
कैसे जानें कि आपने ज़्यादा खा लिया?
- भोजन के बाद नींद आना या सुस्ती महसूस होना
- 2 घंटे बाद शुगर 180 mg/dL से ऊपर जाना
- भूख न लगना फिर भी खाना खाते रहना
निष्कर्ष:
डायबिटीज में खाने की मात्रा नियंत्रित रखना उतना ही जरूरी है जितना सही चीज़ें खाना। Dr. Sunanda Sahu (BNYS) की सलाह के अनुसार अगर आप पोर्शन साइजिंग और प्लेट मेथड अपनाते हैं, तो शुगर को काबू में रखना सरल हो सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी हेतु है। कृपया किसी भी आहार परिवर्तन से पहले अपने डॉक्टर या BNYS विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।