डायबिटीज और थायराइड एक साथ होने पर क्या करें?

डायबिटीज (मधुमेह) और थायराइड दोनों क्रॉनिक बीमारियाँ हैं और जब ये एक साथ हो जाती हैं, तो शरीर की मेटाबॉलिज्म और हार्मोन बैलेंस दोनों बिगड़ सकते हैं। भारत में हर साल लाखों लोगों को यह दोहरी चुनौती मिलती है।
“थायराइड और शुगर एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं — इसलिए इलाज, डाइट और जीवनशैली तीनों को मिलाकर चलना बहुत जरूरी होता है।” – डॉ. सुनंदा साहू
क्यों होता है दोनों एक साथ?
- ऑटोइम्यून डिसऑर्डर जैसे हाशिमोटो थायराइडिटिस टाइप 1 डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है।
- हाइपोथायरायडिज्म शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी कम करता है।
- दवाओं और हार्मोन के बीच रिएक्शन की संभावना रहती है।
सही डाइट का रोल
डायबिटीज और थायराइड दोनों के लिए संतुलित डाइट अनिवार्य है।
- लो GI फूड: ओट्स, दलिया, हरी सब्जियाँ
- प्रोटीन: मूंग, छिलका वाली दालें, अंडा सफेद भाग
- थायराइड के लिए आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग
- शुगर और डीप फ्राई आइटम से बचें
कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?
- HbA1c – तीन महीने की औसत ब्लड शुगर
- TSH, T3, T4 – थायराइड के लेवल
- Lipid Profile – दिल और कोलेस्ट्रॉल की स्थिति
- Liver और Kidney function test – दवाओं का असर जानने के लिए
योग और एक्सरसाइज
- सूर्य नमस्कार – मेटाबॉलिज्म तेज करता है
- कपालभाति और अनुलोम विलोम – हार्मोन बैलेंस में मदद
- 30 मिनट की तेज चाल से वॉक – शुगर नियंत्रित करने में सहायक
दवाएं और सावधानियाँ
- थायराइड की दवा खाली पेट और शुगर की दवा खाना खाने के बाद लें
- डॉक्टर से पूछे बिना कोई आयुर्वेद या होम्योपैथी दवा न लें
- दवाओं का समय फिक्स रखें – दोनों में समय की भूमिका बहुत अहम है
क्या नहीं करना चाहिए?
- खाना स्किप करना
- एक्टिविटी अचानक बंद करना
- थायराइड की दवा के बाद तुरंत चाय या कॉफी पीना
- डायबिटीज में बिना टेस्ट के ड्राई फ्रूट्स खाना
निष्कर्ष
अगर आपको डायबिटीज और थायराइड दोनों हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही समय पर टेस्ट, दवाएं, खानपान और योग से आप पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। दोनों को एक साथ मैनेज करना मुश्किल नहीं है — बस कंसिस्टेंसी जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शिक्षा और जागरूकता हेतु है। किसी भी इलाज या बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।