क्या दो बार खाना डायबिटीज में ज्यादा असरदार है?

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए डाइट सबसे बड़ा हथियार है। अब सवाल यह उठता है कि क्या दिन में दो बार खाना डायबिटीज मरीजों के लिए ज्यादा असरदार हो सकता है? क्या इससे शुगर लेवल पर बेहतर कंट्रोल होता है?
क्या कहती है रिसर्च?
कुछ नई स्टडीज बताती हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग या कम मील फ्रिक्वेंसी टाइप 2 डायबिटीज कंट्रोल में कारगर हो सकती है। खासकर जब व्यक्ति दिन में केवल दो बार नियंत्रित मात्रा में संतुलित भोजन करता है, तो ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव कम होता है।
दो बार खाने के संभावित फायदे:
- ब्लड ग्लूकोज लेवल स्थिर रहता है
- इंसुलिन की ज़रूरत घट सकती है
- वजन घटाने में मदद मिलती है
- डाइजेशन बेहतर होता है
- शरीर में सूजन (Inflammation) कम होती है
किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए?
हर डायबिटिक पेशेंट एक जैसा नहीं होता। अगर आप इंसुलिन पर हैं या टाइप 1 डायबिटीजलो हो सकता है। ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के दिन में केवल दो बार खाना शुरू करना खतरनाक हो सकता है।
दो बार खाना कैसे अपनाएं?
- सुबह 9–10 बजे और शाम 5–6 बजे के बीच भोजन लें
- प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल करें
- फ्रूट्स या वेजिटेबल्स स्नैक के रूप में बीच में ले सकते हैं
- वर्कआउट के समय को ध्यान में रखें
निष्कर्ष: यदि ठीक से प्लान किया जाए, तो दो बार खाना डायबिटीज कंट्रोल में असरदार हो सकता है। लेकिन यह हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। इसलिए डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेकर ही अपनाएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी प्रकार की मेडिकल सलाह नहीं है। अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श लेना आवश्यक है।