शुगर मरीज को आलू खाना चाहिए या नहीं?

भारत में आलू एक बहुत ही सामान्य सब्ज़ी है जो लगभग हर घर के भोजन का हिस्सा होता है। लेकिन डायबिटीज यानी शुगर के मरीजों के लिए यह एक बड़ा सवाल बन जाता है – क्या आलू खाना सही है? आइए जानें कि आलू शुगर लेवल को कैसे प्रभावित करता है और किन शर्तों पर इसे खाया जा सकता है।
“आलू हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली सब्ज़ी है, इसलिए डायबिटीज में सावधानी से खाना जरूरी है।” – डॉ. सुनंदा साहू (BNYS)
आलू में पोषक तत्व
हालांकि आलू में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जैसे:
- कार्बोहाइड्रेट (प्राकृतिक स्टार्च)
- विटामिन C और B6
- पोटैशियम
- फाइबर (अगर छिलके सहित खाया जाए)
आलू और ब्लड शुगर – क्या संबंध है?
आलू में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) होता है जो इसे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाने वाला बनाता है। विशेष रूप से उबले या तले हुए आलू से ब्लड शुगर में स्पाइक आता है।
डायबिटिक मरीज को कब और कैसे खाना चाहिए?
- छोटे हिस्से में और सप्ताह में सिर्फ 1-2 बार
- छिलके सहित उबला हुआ आलू अन्य सब्ज़ियों के साथ मिला कर
- तला हुआ या मैश्ड आलू बिल्कुल न खाएं
- फाइबर रिच डाइट (जैसे मूंग, पालक) के साथ ही खाएं
- भोजन के बाद 15-20 मिनट वॉक करें
शुगर मरीजों के लिए बेहतर विकल्प
आलू की जगह ये विकल्प बेहतर हैं जो ब्लड शुगर को प्रभावित नहीं करते:
- शकरकंद (मीठा आलू) – लो GI और फाइबर युक्त
- कद्दू
- घीया/लौकी
- पत्तेदार सब्ज़ियां (पालक, मेथी)
निष्कर्ष
डायबिटीज के मरीज पूरी तरह से आलू से परहेज न करें, लेकिन उसकी मात्रा और प्रकार पर नियंत्रण रखें। उबले और छिलके सहित थोड़ी मात्रा में सब्ज़ियों के साथ लेने पर इसे कभी-कभी खाया जा सकता है। तले हुए आलू, फ्रेंच फ्राइज या चिप्स को तो पूरी तरह से टालना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी हेतु है। कृपया कोई भी डाइटरी बदलाव अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह से करें।