शुगर फ्री मिठाई के पीछे छुपे खतरे

डायबिटीज होने के बाद भी मिठा खाने की इच्छा तो जाती नहीं है, है ना? इसी का फायदा उठाते हुए मार्केट में आ गई हैं शुगर फ्री मिठाइयाँ। नाम सुनते ही लगता है कि अब guilt-free मिठा खा सकते हैं। लेकिन क्या ये वाकई में हेल्दी हैं?
शुगर फ्री मिठाई का मतलब क्या?
शुगर फ्री मिठाइयाँ उनमें refined sugar नहीं होने का दावा करती हैं। लेकिन अक्सर इनमें artificial sweeteners (जैसे Aspartame, Saccharin, या Sucralose) डाले जाते हैं। ये मिठास तो देते हैं, लेकिन इनका शरीर पर असर विवादित है।
छुपे हुए खतरे
- Artificial Sweeteners: लंबे समय तक इस्तेमाल से पेट खराबी, सिरदर्द और मेटाबोलिज्म पर असर डाल सकते हैं।
- Overeating: “शुगर फ्री है” सोचकर लोग ज़्यादा खा लेते हैं, जिससे वजन और शुगर दोनों बढ़ सकता है।
- Hidden Calories: कई शुगर फ्री मिठाइयों में fats और calories भरपूर होती हैं, जो आपकी डायबिटीज को चुपचाप बिगाड़ सकते हैं।
तो फिर क्या करें?
अगर वाकई मिठा खाने का मन है, तो आप थोड़ी सी मात्रा में घर पर बनी स्टीविया या गुड़ से बनी मिठाई खा सकते हैं।
या फिर फल जैसे पपीता, सेब, अमरूद या थोड़े सूखे मेवे भी cravings को शांत कर सकते हैं – वो भी हेल्दी तरीके से।
डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) की सलाह
डॉ. साहू कहती हैं, “शुगर फ्री प्रोडक्ट्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते। अगर आप डायबिटीज कंट्रोल करना चाहते हैं तो processed चीज़ों से जितना दूर रहें, उतना बेहतर।”
निष्कर्ष
शुगर फ्री मिठाई कोई जादुई चीज़ नहीं है। अगर डायबिटीज को सही रखना है, तो भोजन में संतुलन, नियमित व्यायाम और प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता दें।
लेखक: डॉ. सुनंदा साहू (BNYS) | स्रोत: Pexels