शुगर पेशेंट का ब्रेकफास्ट कैसा हो?

डायबिटीज में सुबह का नाश्ता सबसे महत्वपूर्ण भोजन होता है क्योंकि यह दिनभर की एनर्जी और ब्लड शुगर लेवल को सेट करता है। गलत ब्रेकफास्ट करने से अचानक शुगर लेवल बढ़ सकता है, जिससे दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन और भूख बनी रहती है।
“डायबिटीज में नाश्ता प्रोटीन, फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स से भरपूर होना चाहिए।” — डॉ. सुनंदा साहू (BNYS)
डायबिटीज के लिए आदर्श ब्रेकफास्ट में क्या होना चाहिए?
- उच्च फाइबर और प्रोटीन
- कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले कार्ब्स
- अतिरिक्त शुगर और मैदे से दूरी
- अच्छा फैट (जैसे कि नट्स, बीज)
ब्रेकफास्ट के लिए बेस्ट ऑप्शन
- बेसन चिल्ला – लो-कार्ब और हाई-प्रोटीन।
- ओट्स उपमा या पोहा – सब्जियों के साथ बनाएं और नमक कम रखें।
- उबले अंडे और सलाद – दिन की शुरुआत में प्रोटीन से ब्लड शुगर स्थिर रहता है।
- मूंग दाल का डोसा – कम तेल में बना हुआ, फाइबर से भरपूर।
- दही या छाछ के साथ ज्वार/बाजरे की रोटी – प्राचीन अनाज डायबिटीज में लाभकारी होते हैं।
किन चीजों से बचें?
- सफ़ेद ब्रेड, मैदे के परांठे
- जैम, मीठा दूध या कॉर्नफ्लेक्स
- बिस्किट, केक, शुगर फ्री भी ज़्यादा न लें
- फ्रूट जूस – इसमें नैचुरल शुगर भी बहुत ज़्यादा होती है
ब्रेकफास्ट का सही समय क्या हो?
सुबह उठने के 1 घंटे के अंदर नाश्ता करें। ज्यादा देरी करने से ब्लड शुगर ड्रॉप हो सकता है और बाद में तेजी से बढ़ सकता है।
एक हेल्दी डायबिटिक ब्रेकफास्ट का उदाहरण
उदाहरण:
- 2 बेसन चिल्ला + 1 कटोरी दही
- या 1 कटोरी ओट्स उपमा + 5 भुने हुए बादाम
- या 2 उबले अंडे + 1 टोस्टेड ब्राउन ब्रेड
- या मूंग दाल डोसा + नारियल की चटनी
“ब्रेकफास्ट ऐसा होना चाहिए जो पेट को लंबे समय तक भरे रखे, न कि बार-बार भूख लगे।” — डॉ. साहू
निष्कर्ष
डायबिटीज में ब्रेकफास्ट प्लान करना एक समझदारी भरा कदम है। सही भोजन से न केवल शुगर कंट्रोल होता है, बल्कि ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता भी बनी रहती है। हर दिन का नाश्ता हेल्दी आदतों की नींव रखता है।
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग केवल जानकारी हेतु है। किसी भी भोजन को नियमित रूप से लेने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह अवश्य लें।