शुगर कम करने की आयुर्वेदिक दवा

डायबिटीज या मधुमेह को आयुर्वेद में एक धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी माना जाता है, जिसे समय रहते कंट्रोल किया जा सकता है। आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से शुगर को नेचुरली और साइड इफेक्ट के बिना नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रमुख आयुर्वेदिक दवाएं जो शुगर कम करती हैं
- मेथी दाना: रोज़ाना खाली पेट एक चम्मच मेथी पाउडर गर्म पानी से लें।
- गुड़मार: यह औषधि शुगर के अवशोषण को रोकती है।
- जामुन की गुठली: इसका चूर्ण शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।
- करेला: करेला रस ब्लड ग्लूकोज कम करता है।
- नीम: सुबह खाली पेट नीम की पत्तियों का रस असरदार होता है।
- त्रिफला: पाचन बेहतर करता है और शुगर मैनेज करने में सहायक होता है।
- विजयसार: इस पेड़ की लकड़ी का पानी शुगर लेवल को नीचे लाने में कारगर है।
डॉ. पायल राठौर (BNYS) के अनुसार: “आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ जैसे गुड़मार, जामुन बीज और मेथी का सही अनुपात में उपयोग करके मधुमेह को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही जीवनशैली बदलाव ज़रूरी है।”
आयुर्वेदिक दवाओं का सही उपयोग कैसे करें?
- दवाएं सुबह खाली पेट लें।
- डॉक्टर से परामर्श लेकर ही मात्रा तय करें।
- रोज़ ब्लड शुगर मॉनिटर करें।
- दवाओं के साथ योग, प्राणायाम और डायबिटिक डाइट ज़रूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के लिए है। कोई भी आयुर्वेदिक दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर या वैद्य की सलाह अवश्य लें।