भारत में PCOS क्यों तेजी से बढ़ रहा है? वजह और समाधान

क्या आपने गौर किया है कि आजकल हर तीसरी युवती या महिला को PCOS की समस्या हो रही है? ये कोई संयोग नहीं, बल्कि तेजी से बदलती जीवनशैली और खान-पान की देन है। भारत में PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं और चौंकाने वाली बात ये है कि बहुत सी महिलाएं इसके लक्षणों को पहचान भी नहीं पातीं।
1. जंक फूड और प्रोसेस्ड डाइट
भारत में अब घरेलू खाना कम और फास्ट फूड ज्यादा खाया जा रहा है। प्रोसेस्ड और हाई शुगर फूड शरीर के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ते हैं, जिससे PCOS की संभावना बढ़ती है।
2. लाइफस्टाइल में कमी और स्ट्रेस में बढ़ोतरी
बैठे-बैठे काम करना, व्यायाम न करना और हर समय मानसिक तनाव में रहना — ये सभी फैक्टर महिलाओं के हार्मोनल सिस्टम को डिस्टर्ब करते हैं। स्ट्रेस सीधे ओवरी पर असर डालता है।
3. किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव
आजकल की लड़कियों में कम उम्र से ही हार्मोनल गड़बड़ी देखने को मिल रही है। इसका कारण असंतुलित डाइट, पब्लिसिटी से प्रभावित लाइफस्टाइल और शरीर को लेकर असुरक्षा की भावना है।
4. देरी से निदान और गलत इलाज
PCOS को अक्सर लेट डिटेक्ट किया जाता है या फिर केवल कॉस्मेटिक लक्षण जैसे मुंहासे या हेयरफॉल के आधार पर ट्रीट किया जाता है। सही जानकारी की कमी के कारण इसका असली इलाज छूट जाता है।
तो अब क्या करें?
भारत में PCOS की बढ़ती दर को रोकने के लिए महिलाओं को अपने शरीर की जरूरतों को समझना होगा। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, समय पर नींद और मानसिक शांति इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण: हर महिला को अपने पीरियड साइकल, वजन, मूड और स्किन-हेयर चेंजेस पर ध्यान देना चाहिए। समय रहते कदम उठाने से PCOS को बढ़ने से रोका जा सकता है।
लेखिका: डॉ. सुनंदा साहू (BNYS)